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खतरे में जान मगर दुनिया के मंच पर उतरेगा अफगान का पहला महिला ऑकेस्ट्रा

अफगानिस्तान की पहला महिला ऑकेस्ट्रा दुनिया के बड़े मंच पर प्रस्तुति देगा।
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Sweta Pachori

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Updated: 18 Jan 2017, 2:02 PM IST

afghanistan female orchestra

afghanistan female orchestra

काबुल। अफगानिस्तान की पहला महिला ऑकेस्ट्रा दुनिया के बड़े मंच पर प्रस्तुति देगा। दावोस में हो रहे वल्र्ड इकॉनामिक फोरम के मंच पर गुरुवार को 35 युवा लड़कियों वाले महिला ऑकेस्ट्रा जोहरा परफॉर्म करेगा। जोहरा अफगानिस्तान का पहला महिला ऑकेस्ट्रा है।

जोहरा ऑकेस्ट्रा में शामिल हैं 13 से 20 साल तक की लड़कियां

इस ऑकेस्ट्रा में 13 से 20 साल तक की लड़कियां शामिल हैं। कुछ बहुत ही गरीब परिवारों से हैं तरे कुछ अनाथ हैं। ये सभी लड़कियां दावोस में 3,000 सीईओ और प्रमुखों के सामने संगीत की प्रस्तुति देगी। इस महिला ऑकेस्ट्रा को 20 साल की नेगिम खापलक चलाती हैं। नेगिम को अपना संगीत का शौक पूरा करने पर अफगानिस्तान के कई कट्टरपंथी समूह जान से मारने की धमकी तक दे चुके हैं।

लड़कियों को जान से मारने की धमकी दे चुके हैं घरवाले

इनके घरवालों का मानना हैं कि उनकी बेटी ने समाज के सामने उनकी नाक कटवा दी है। ऑकेस्ट्रा की बाकी लड़कियां भी ये सब यातनाएं झेल चुकी हैं। जोहरा ऑकेस्ट्रा में शामिल लड़कियां पूरी तरह से अपने उपकरण पर ही ध्यान केंद्रित किए नजर आती हैं। एक महीने पहले जोहरा ऑकेस्ट्रा ने काबुल में दावोस में होने वाले इस शो के लिए रिहर्सल भी किया।

अफगानिस्तान में प्रतिबंधित है लड़कियों का संगीत बजाना
अफगानिस्तान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ म्यूजिक के फाउंडर डॉ. अहमद सरमास्ट कहते हैं कि नेगिम अफगानिस्तान की पहली महिला ऑकेस्ट्रा संचालक हैं। सरमास्ट ने कहा कि अफगानिस्तान में एक लड़की के लिए संगीत में रूचि रखना किसी अपराध से कम नहीं है। तालीबान के शासन में (1996-2001) के बीच यहां संगीत को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। साथ ही अफगान में महिलाओं को घर से बाहर तक निकलने की इजाजत नहीं है।

हम स्कूल तक नहीं जा सकती, संगीत सीखना तो दूर की बात है
इस ऑकेस्ट्रा की संचालक नेगिना बताती हैं कि अफगानिस्तान में लड़कियों को स्कूल जाने तक की इजाजत नहीं है। लड़कियां वहां संगीत के बारे में बात भी नहीं कर सकती। महिलाओं का काम सिर्फ घर में रहकर साफ-सफाई करना होता है। नेगिना ने बताया कि उसका पूरा परिवार संगीत की वजह से उसके खिलाफ हो चुका है। मेरी दादी ने भी मेरे पिता से कहा था कि अगर नेगिना संगीत सीखने जाएगी तो वो उनसे सारे रिश्ते खत्म कर देगी। उसके बाद उसके पूरे परिवार को कुनार छोड़कर काबुल आना पड़ा था।

मेरे चाचा ने कहा था, मैं कहीं भी दिखी तो मुझे मार डालेंगे
नेगिना ने आगे बताया कि अफगानिस्तान में लड़कियों की जिंदगी बहुत मुश्किल हैं। वहां नौकरियों की कमी है। नेगिना ने कहा कि उसके चाचा ने उससे कहा था कि मुझे तुम कहीं भी नजर आ गई तो मैं तुम्हे मार डालूंगा। तुम्हारी वजह से हमारा पूरा परिवार शर्मिंदा है। नेगिना का लक्ष्य है अपनी पढ़ाई के लिए एक स्कॉलरशिप हासिल करना और पढऩा। पढऩे के लिए नेगिना दूसरे देश जाना चाहती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद वो नेशनल ऑकेस्ट्रा की संचालक बनना चाहती हैं।