क्या मंगल ग्रह पर एलियन रहते हैं? सामने आईं कुछ अजीबोगरीब तस्वीरें
पृथ्वी पर एलियन के आने के कई दावे पहले भी किये जाते रहे हैं, यह एक
विवादस्पद कड़ी है जहाँ हमेशा से ही इस तथ्य पर संशय रहा है कि एलियन होते
भी हैं या नहीं। इसी बीच इन तथ्यों में एक और कड़ी जुड़ती हुई नजर आ रही है..
नई दिल्ली: पृथ्वी पर एलियन के आने के कई दावे पहले भी किये जाते रहे हैं, यह एक विवादस्पद कड़ी है जहाँ हमेशा से ही इस तथ्य पर संशय रहा है कि एलियन होते भी हैं या नहीं। इसी बीच इन तथ्यों में एक और कड़ी जुड़ती हुई नजर आ रही है। एक एलियन हंटर्स (इंवेस्टीगेटर) यूट्यूब चैनल ने मंगल ग्रह पर एलियन देखे जाने का दावा किया है। इसके बाद नासा ने भी एक तस्वीर जारी की है।
नासा ने मंगल ग्रह की कुछ तस्वीरें जारी की है जिसमें चम्मच जैसी जीज दिखाई दे रही है। इसी के बाद ये सवाल एक बार फिर उठ कड़ा हुआ है कि क्या मंगल ग्रह पर एलियन रहते हैं। चम्मच जैसी दिक रही वस्तु मंगल पर जीवन के सबूत तो नहीं हैं? ऐसा नहीं है कि इस तरह की तस्वीरें नासा द्वारा पहली बार जारी की गईं हैं। नासा ने पहले भी ऐसी तस्वीरें जारी की हैं जिनमें चम्मच जैसी दिखने वाली अजीब वस्तु देखी गई थी। पहले की तस्वीरों में अंगूठी और हाथों के दास्ताने दिखाई दिए थे।
वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि ये चम्मच एलियंस ने इस्तेमाल किया है इसलिए यहां एलियंस होने की सम्भावना मजबूत होती जा रही है. ये खबर सबसे पहले एलियन हंटर नाम के यूट्यूब चैनल ने दी थी। एलियन हंटर्स (इंवेस्टीगेटर) ने मंगल ग्रह पर एलियन मिलने का दावा किया है। इन फोटोज में एक अलग तहर की प्राणी की खोपड़ी नजर आ रही है। बहुत दिनों के बाद मंगल को लेकर ऐसा कोई सबूत सामने आया है। एक अन्य इंवेस्टीगेटर ने एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें एक विशालकाय एलियन मंगल ग्रह पर लेटा हुआ नजर आ रहा है। इस तरह के कुछ प्रमाण 2012 में भी मिले थे। ग्लोबल स्पेस एजेंसीज और साइंटिस्ट मंगल ग्रह पर एलियन लाइफ को सर्च करने के लिए अरबों खरबों रुपए खर्च कर चुके हैं। शार्क मिलने का भी किया था दावा। एलियन हंटर्स ने कुछ दूसरी फोटोज कैप्चर की थी जिसमें प्लेनेट के सरफेस पर शार्क मिलने का दावा किया था। इससे पता चलता है कि मंगल पर समुद्र भी था। इसके साथ ही चूहा, अलग अलग तरह के चेहरे, मेढ़क मिलने के दावे भी किए जा चुके हैं। हालांकि इस मामले में अभी नासा ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। इंवेस्टीगेटर का दावा है कि यह इमेज नासा के क्यूरोसिटी रॉवर (रॉबोटिक रॉवर) ने कैप्चर की हैं। यह अगस्त 2012 को मंगल में पहुंचा था।