30 मार्च 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमरीका ने चीन को लगाई लताड़, विवादित द्वीप पर नहीं चलेगी दादागिरी

अमरीका के रक्षा सचिव जिम मैटिस ने बुधवार को कहा कि दक्षिण चीन सागर पर वह चीन का कड़ाई से विरोध करते रहेंगे।

2 min read
Google source verification

image

Mohit Saxena

May 30, 2018

america

अमरीका ने चीन को लगाई लताड़, विवादित द्वीप पर नहीं चलेगी दादागिरी

वाशिंगटन। अमरीका के रक्षा सचिव जिम मैटिस ने बुधवार को कहा कि चीन लगातार दक्षिण चीन सागर में अपना दबदबा बना रहा है। वह इस क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बना रहा है और इसका विरोध अमरीका कड़ाई से कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह चीन की दादागिरी से बिल्कुल भी समझौता नहीं करने वाले हैं। गौरतलब है कि रविवार को बीजिंग ने इस क्षेत्र में अमरीकी युद्धपोत की उपस्थिति पर असंतोष जाहिर किया था। इसके जवाब में मैटिस ने पत्रकारों से कहा कि चीन एक ऐसा देश है जो झगड़ा करने और तनाव बढ़ाने के लिए मशहूर है। मगर यह अंतरराष्ट्रीय जल है और बहुत से राष्ट्र यहां पर अपनी सैन्य गतिविधियों के लिए स्वतंत्र हैं।

चीन ने सख्ती से अमरीका को दी हिदायत, कहा

गतिविधयां के लिए स्वतंत्र अमरीका

अमरीकी नौसेना समय-समय पर इस जलमार्ग में अपनी गतिविधयों के लिए स्वतंत्र रही है। वह इस क्षेत्र में चीन के किसी भी दावे को नहीं मानती है।चीन ने यहां पर अपने हवाई अड्डे और कई प्रोजेक्ट शुरू कर रखें हैं। इस तरह वह क्षेत्र में अपना प्रभुत्व कायम करना चाहता है। मैटिस ने कहा है कि वह इस जलमार्ग का इस्तेमाल अपने व्यवसाय के लिए भी करता है और इसका हक अन्य देशों को भी उतना ही है।

अमरीका ने किया नौसेना परीक्षण

दक्षिण चीन सागर में अमरीकी विमान पिछले एक हफ्ते से अपने आॅप्रेशन में जुटे हुए है। विवादित द्वीप पर परमाणु से सक्षम बमवर्षक उड़ान भरने के बाद बीजिंग ने अमरीका की तीखी आलोचना की थी। वहीं इसके जवाब में पिछले हफ्ते,पेंटागन ने एक समुद्री अभ्यास में चीन को भेजा अपना निमंत्रण खींच लिया था। इसे लेकर चीन में ने काफी नाराजगी जाहिर की थी। बीजिंग दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के विरोध के बावजूद अधिकांश संसाधन समृद्ध दक्षिण चीन सागर पर अपने दावे को मजबूत करने के लिए कृत्रिम द्वीप बना रहा है। इसके पड़ोसी राष्ट्रों को डर है कि चीन कहीं इस क्षेत्र में अपना अधिपत्य न जमा ले।