
trump
नई दिल्ली। उत्तर कोरिया के परमाणु निशस्त्रीकरण को लेकर अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पूरी दुनिया में सहाराना हो रही है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन ने हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप उनके कार्य के लिए नोबेल दिए जाने की वकालत कर डाली थी। उनका कहना था कि उत्तर कोरिया द्वारा लगातार किए जा रहे परमाणु परीक्षण को रोकने के लिए ट्रंप ने महान योगदान दिया है। इसके साथ उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच दूरियां भी कम हुईं हैं। इस कड़ी में सोमवार को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से 18 कांग्रेस सदस्यों ने नॉर्वे की नोबेल कमेटी की अध्यक्ष को इस बारे में पत्र लिखा है। इसमें कांग्रेस सदस्यों ने कोरियाई प्रायद्वीप के देशों को परमाणु हथियार छोड़ने के लिए सहमत करके क्षेत्र में शांति लाने से जुड़े कामों का हवाला देते हुए ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है।
ओबामा को मिला था नोबेल
इन कांग्रेस सदस्यों में शामिल स्टीव किंग कहते हैं,जब मुझे पता चला कि राष्ट्रपति ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु हथियारों के निशस्त्रीकरण को लेकर बातचीत करने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, तब उनके मन में ये विचार आया। उन्होंने कहा कि ओबामा को नोबेल का शांति पुरस्कार मिला था मगर किस काम के लिए यह आज भी पता नहीं है। वह बस अमरीका के चुने हुए राष्ट्रपति थे। ऐसे में कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु हथियारों को छोड़े जाने की स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप इसके लिए ज़्यादा काबिल होंगे।
डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बोल
नस्लवाद और बहुल्यवाद जैसे मुद्दों पर विवादित बोल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति को पिछले दिनों काफी
को नुकसान झेलना पड़ा है। खासतौर पर मुस्लिम देशों में उनकी कड़ी आलोचना होती रही है। उन्होंने चुनावी प्रचार के दौरान कई बार आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया और अपने विरोधी पार्टी के नेताओं को अपशब्द भी कहे। ट्रंप ने मुस्लिम देशों के यात्रियों को अमरीका आने पर प्रतिबंध भी लगाया।
Published on:
14 May 2018 04:03 pm
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
