आर्मेनिया-अजरबैजान के बीच बड़ा समझौता, अब रिहाइशी इलाकों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे

Highlights

  • आर्मेनियाई और अजरबैजान के विदेश मंत्री ने साझा बयान में इस पर सहमति व्यक्त की है।
  • दोनों देशों के बीच नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र को लेकर बीते दो माह से युद्ध जारी है।

यरविन। आर्मेनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों के बीच आखिरकार बड़ा समझौता हुआ है। दोनों के बीच अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक नागरिक आबादी और रिहाइशी इलाकों को नुकसान न पहुंचाने को लेकर सहमति बन गई है। जेनेवा में जारी एक साझा बयान के अनुसार आर्मेनियाई विदेश मंत्री जोहराब मनत्सकैनयन और अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बेरामोव ने साझा बयान में इस पर सहमति व्यक्त की है।

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यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के अनुसार दोनों पक्ष युद्ध के मैदान में हिरासत में लिए गए युद्धबंदियों की सूची देंगे। इस मामले में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से मिन्स्क समूह के सह-अध्यक्ष रूस के इगोर पोपोव, फ्रांस के स्टीफन विस्कोनी और अमरीका के एंड्रयू शॉफर मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रियों से कहा गया है कि दस अक्टूबर को दिए बयान के अनुसान तुरंत संघर्ष विराम लागू करें। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र को लेकर बीते दो माह से युद्ध जारी है।

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नागोर्नो-कराबाख को 13 लाख डॉलर देगा ब्रिटेन

मानवीय सहायता को लेकर ब्रिटेन ने रेडक्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति की अपील पर अजरबैजान और आर्मेनिया के लड़ाई वाले क्षेत्र को 13 लाख डॉलर का आवंटन किया है। विदेश मंत्री डॉमनिक रॉब का कहना है कि इससे नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में काफी हद तक राहत मिल सकेगी।

Mohit Saxena
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