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वैज्ञानिकों को धोखा दे गया Asteroid 2020 JJ, पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरा ये उल्कापिंड

HIGHLIGHTS: ऐस्टरॉइड 2020 JJ पृथ्‍वी के बेहद पास से बुधवार को गुजर गया यह ऐस्‍टरॉइड 8,310 मील की दूरी से निकल गया जो चंद्रमा की कुल दूरी का करीब 3 प्रतिशत है

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वाशिंगटन। अंतरिक्ष के रहस्यों की खोज में जुटे वैज्ञानिकों की हर दिन कुछ न कुछ रोचक तथ्यों का पता चलता है। लेकिन बुधवार को वैज्ञानिक उस वक्त धोखा खा गए, जब एक वैन के आकार का खतरनाक ऐस्टरॉइड पृथ्वी के बेहद पास से गुजर गया।

इस ऐस्टरॉइड का नाम 2020 JJ है। यह पृथ्वी के करीब 9 हजार मील के दायरे में आ गया था। ऐसा माना जा रहा है कि यह पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला ऐस्टरॉयड में से एक था। जब वैज्ञानिकों को इसके बारे में पता चला तो हड़कंप मंच गया।

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इस ऐस्टरॉइड का आकार इतना छोटा था कि टेलिस्कोप की पकड़ में तब आया तब यह पृथ्वी के ऊपर आ गया। इसके बाद वैज्ञानिकों में हड़कंप मंच गया। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह ऐस्‍टरॉइड 8,310 मील की दूरी से निकल गया जो चंद्रमा की कुल दूरी का करीब 3 प्रतिशत है।

छोटे आकार की वजह से धोखा खा गए वैज्ञानिक

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिकों के धोखा खाने की वजह इसका आकार था। अंतरिक्ष विज्ञान लेखिका डॉक्‍टर नटाली स्‍टार्की ने एक बयान में कहा कि हम बड़े आकार के ऐस्‍टरॉइड का पता लगाने में बहुत सक्षम हैं, लेकिन ऐसे छोटे आकार के ऐस्टरॉइड का पता लगाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में असंख्य ऐसी चट्टानें हैं जो चक्कर लगा रही हैं और उसके बारे में पता करना बहुत ही मुश्किल है।

डॉक्‍टर स्‍टार्की ने आगे बताया कि ऐस्‍टरॉइड काफी डार्क होते हैं और अंतरिक्ष में प्रकाश को परावर्तित नहीं करते हैं। इस वजह से उन्‍हें पृथ्‍वी से देखना काफी मुश्किल है।'

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Asteroid 2020 JJ ऐसा छठा ऐस्‍टरॉइड है जो पृथ्‍वी के बेहद पास से गुजरा है। इससे पहले पिछले दिनों ही Asteroid 1998 OR2 पृथ्वी के करीब 63 लाख किमी की दूरी से 19,000 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से निकल गया था।

NASA के मुताबिक, आने वाले 100 सालों में ऐसे करीब 22 ऐस्टरॉइड्स (उल्कापिंड) हैं जो धरती के करीब आ सकते हैं और टक्कर की संभावनाएं हो सकती हैं।