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ऑस्ट्रेलिया में आर्कबिशप को मिली बाल यौन शोषण पर पर्दा डालने की सजा

एडीलेड के आर्कबिशप फिलिप विल्सन को 12 महीने के कारावास की सजा दी गई है लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट में रहने की अनुमति दी जा सकती है

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Archbishop Philip Wilson

आस्ट्रेलिया में आर्कबिशप को मिली बाल यौन शोषण पर पर्दा डालने की सजा

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के आर्कबिशप फिलिप विल्सन को बाल यौन शोषण पर परदा डालने के आरोप में सजा दी गई है। वह दुनिया के सबसे वरिष्ठ ईसाई धर्म गुरु हैं जिन्हें बाल यौन शोषण को कवर करने के लिए सजा सुनाई गई है। हालांकि बाल यौन शोषण को छिपाने के दोषी होने के लिए दुनिया के सबसे वरिष्ठ कैथोलिक अधिकारी को जेल में रहने से छूट मिल सकती है।

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क्या है मामला

एडीलेड के आर्कबिशप फिलिप विल्सन को 1970 के दशक में एक चर्चा के पादरी द्वारा दो लड़कों के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार को पुलिस को रिपोर्ट न करने का दोषी पाया गया था। पीटर क्रेघ नामक एक लड़के और उसके एक अन्य साथी ने 1976 में विल्सन से कहा कि पुजारी जेम्स फ्लेचर ने बार-बार न्यू साउथ वेल्स हंटर क्षेत्र में उनसे शारीरिक दुर्व्यहार किया था लेकिन आर्कबिशप ने कुछ भी नहीं किया था।न्यूकैसल स्थानीय अदालत में मजिस्ट्रेट रॉबर्ट स्टोन ने मंगलवार को 67 वर्षीय आर्कबिशप को छह महीने की गैर-पैरोल अवधि के साथ 12 महीने की कारावास की सजा सुनाई। मजिस्ट्रेट ने बाल यौन शोषण के बारे में कहा, "पूरे ईसाई समुदाय को बाल यौन दुर्व्यवहार के इस दशकों पुराने मामले से और उसके छिपाने के तरीकों से गहरा धक्का लगा है।" जज स्टोन ने विल्सन को दोषी ठहराते हुए कहा कि आरोपी चर्च और उसकी छवि की रक्षा करना चाहता था।"

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विल्सन का अपराध 2004 से 2006 की अवधि से संबंधित था, जब फ्लेचर पर बाल यौन अपराधों का आरोप लगाया गया था। मजिस्ट्रेट ने पाया कि विल्सन ने अपने अधिकारियों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा दिया था।

आर्कबिशप फिलिप विल्सन इस्तीफा नहीं देंगे

इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के लिए अदालत परिसर में भारी संख्या में लोग मौजूद थे। कोर्टरूम में कई लोग आर्कबिशप के हॉउस अरेस्ट पर नाराज दिखे। हालांकि ज्यादातर लोगों का कहना था कि आर्कबिशप को दोषी ठहराया जाना ही बड़ी बात है। आर्कबिशप जो अल्जाइमर रोग के शुरुआती चरणों से पीड़ित है, ने अपनी ऐतिहासिक सजा को केवल अपनी स्मृति लोप का प्रभाव बताया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बहुत सारी बातें याद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित लड़के क्रेघ के साथ वार्तालाप होने की संभावना नहीं थी, क्योंकि क्रेग ने अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं दिया था। लेकिन मजिस्ट्रेट ने विल्सन के दावों को खारिज कर दिया और कहा कि पादरी को पता था कि "वह जो सुन रहा था वह एक विश्वसनीय आरोप था"।

बता दें कि फ्लेचर 2004 में बाल यौन दुर्व्यवहार के नौ मामलों के दोषी पाए गए और 2016 में जेल में उनकी मृत्यु हो गई थी।

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