
ह्यूस्टन। ह्यूस्टन में पीएम नरेंद्र मोदी के पहुंचने के बाद से कई असंतुष्ट संगठनों को आस है कि वह उनकी बात को सुनेगे और समस्याओं का हल निकालेंगे। यहां होने वाले हाउडी मोदी कार्यक्रम में मोदी शिरकत करने वाले हैं। यहां पर करीब 50 हजार से अधिक भारतीयों को वह संबोधित करेंगे। यहां स्टेडियम के सामने पाकिस्तान के सिंधी, बलूच और पश्तो समूह के प्रतिनिधि एकत्र होंगे। यह सभी पाकिस्तान से अपनी आजादी की मांग कर रहे हैं।
एक तरफ ह्यूस्टन के एनआरजी स्टेडियम के अंदर यह कार्यक्रम चल रहा होगा तो दूसरी ओर स्टेडियम के सामने पाकिस्तान सिंधी,बलूच और पश्तो समूह के प्रतिनिधि एकत्र होंगे। यह सभी पाकिस्तान से अपनी आजादी की लंबी समय से मांग कर रहे हैं। यहां ह्यूस्टन में यह मोदी और ट्रंप से इस मामले पर मदद मांगने की कोशिश करेंगे।
इस बार ये संगठन पीएम मोदी से पूरी तरह से आश्वस्त होना चाहते हैं कि वह पश्तो, बलूच और सिंध की आजादी के लिए सक्रिय होंगे। संगठनों का कहना है कि मोदी की सात दिन की यात्रा उनके लिए संजीवनी के सामान है। बलूच अमरीकी, सिंधी अमरीकी और पश्तो अमेरिकी समुदायों के करोड़ों सदस्य शनिवार को अमरीका के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन का आयोजन करने के लिए ह्यूस्टन में उतरे।
एक सिंधी कार्यकर्ता ज़फर के अनुसार वह पीएम मोदी को पाकिस्तान के अत्याचारों के बारे में बताएंगे। सिंधी लोग एक संदेश के साथ ह्यूस्टन में यहां आए हैं। जब मोदी जी सुबह यहां आएंगे। तो हम उन्हें अपने संदेशों को दिखाएंगे। हमें उम्मीद है कि मोदी जी और राष्ट्रपति ट्रम्प हमारी मदद करेंगे।
बलूच नेशनल मूवमेंट के अमरीकी प्रतिनिधि नबी बक्शा बलूच ने कहा कि हमें पाक से आजादी चाहिए। भारत और अमरीका को हमारी मदद करनी चाहिए, जिस तरह से 1971 में भारत ने बांग्लादेश के लोगों की मदद की थी।
उन्होंने कहा कि हम यहां पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध करेंगे कि वे हमारा समर्थन करें। पाकिस्तानी सरकार द्वारा बलूच लोगों के खिलाफ मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन किया गया है। इस बीच 100 से अधिक सिंधी अमरीकी ह्यूस्टन पहुंचे। वे एनआरजी स्टेडियम के बाहर एकत्र होने की योजना बना रहे हैं।
Updated on:
23 Sept 2019 08:00 am
Published on:
22 Sept 2019 10:35 am
