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ट्रंप ने अमरीका में बंद कराया पीएलओ दफ्तर, नेतन्याहू ने किया फैसले का स्वागत

फैसले के पीछे फिलिस्तीन द्वारा इजरायल के साथ सीधी वार्ता को आगे ना बढ़ाने का हवाला दिया गया।
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Shweta Singh

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Updated: 12 Sep 2018, 6:08 PM IST

Benjamin Netanyahu welcomed trumps decision to shut down plo office

ट्रंप ने अमरीका में बंद कराया पीएलओ दफ्तर, नेतन्याहू ने किया फैसला का स्वागत

तेल अवीव। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को वाशिंगटन में फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (पीएलओ) के कार्यालय को बंद करने के अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्णय का स्वागत किया। अमरीकी विदेश विभाग ने सोमवार को अपने इस निर्णय की घोषणा की थी। फैसले के पीछे फिलिस्तीन द्वारा इजरायल के साथ सीधी वार्ता को आगे ना बढ़ाने का हवाला दिया गया। इससे संबंधित बयान में फिलिस्तीन के इजरायल के कब्जे बाले वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में इजरायलियों की ओर से किए जा रहे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का कथित रूप से उल्लंघन का मामला अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय में उठाने के प्रयास का भी उल्लेख किया गया है।

नेतन्याहू के कार्यालय का बयान

मीडिया रिपोर्ट में नेतन्याहू के कार्यालय की ओर से जारी बयान के हवाले से कहा गया, 'अमरीका ने वाशिंगटन स्थित पीएलओ दफ्तर के संबंध में बिल्कुल सही निर्णय लिया है।' उन्होंने कहा, 'इजरायल अमरीका के उस कार्रवाई का समर्थन करता है, जिसमें फिलिस्तीनियों को यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वार्ता से उनका इनकार और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल पर हमला करने से शांति नहीं बढ़ेगी।'

फिलिस्तीन ने अमरीकी कदम की निंदा की

दूसरी ओर फिलिस्तीन ने अमरीकी कदम की निंदा की है। पीएलओ के महासचिव साएब एरेकात ने एक बयान में कहा, 'यह भड़काऊ कदम बताता है कि अमरीका इजरायल के अपराधों और फिलिस्तीन के लोगों और जमीन पर उसके हमलों का बचाव कर रहा है। इसके साथ-साथ बचे हुए क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के खिलाफ काम कर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को तोड़ना चाहता है।'

वाइट हाउस की हालिया घोषणा फिलिस्तीन के खिलाफ नया कदम

बता दें कि ट्रंप प्रशासन मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने की अपनी बहु-प्रतीक्षित योजना को सार्वजनिक करने की तैयारी कर रहा है लेकिन येरूशलम को इजरायल की राजधानी मानने के ट्रंप के विवादित फैसले के बाद फिलिस्तीन के नेताओं ने ट्रंप के राजदूतों से वार्ता करने से इनकार कर दिया है। वाइट हाउस की हालिया घोषणा फिलिस्तीन के खिलाफ उसका नया कदम है। इससे पहले अमरीका संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीन शरणार्थी एजेंसी को अनुदान भी रोक चुका है।