
नई दिल्ली। सीरिया में एक हफ्ते पहले हुए रासायनिक हमले की चारों ओर निंदा हो रही है। सीरिया केमिकल अटैक को लेकर अमेरीका ने भी नाराजगी जाहिर की थी। वहीं, अमरीका सहित अन्य देशों के आक्रामक रुख को देखते हुए रूस ने शुक्रवार को कहा था कि सीरिया में हमला हुआ तो दो देशों में युद्ध छिड़ जाएगा। लेकिन अब अमेरीका सहित फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया में बड़ी कार्रवाई करते हुए हवाई हमला बोल दिया है। अमरीका के हमले के बाद क्या अब रूस और अमेरीका में युद्ध छिड़ जाएगा?
सीरिया में जोरदार धमाका
अमरिकी राष्ट्रपति की सीरिया में हमला करने की घोषणा के बाद दमिश्क के पास धमाके की आवाज सुनी गई। अमरिकी आधिकारियों ने बताया, 'सीरिया के खिलाफ इस कार्रवाई में लड़ाकू विमानों और जलपोतों का इस्तेमाल किया जा रहा है।'
रूस ने पहले दी थी चेतावनी
बता दें कि संयुक्त राष्ट्र में रूस के राजदूत वैसिली नेबेंजिया ने सुरक्षा परिषद की अनौपचारिक बैठक में कहा था कि सीरिया के हालात बहुत खराब हैं, इसलिए वहां रूस की सेना मौजूद है। वैसिली ने अमेरिका और मित्र देशों पर अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे में डालने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने कहा, 'युद्ध के खतरे को टालना तात्कालिक जरूरत है, नहीं तो हमले हुए तो अमेरिका और रूस दोनों में यु्द्ध हो सकता है।
शांति बनाए रखने की अपील
वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने सीरिया में शांति बनाए रखने की अपील की। एंटोनियो गुटेरस ने सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी देशों से सीरिया में युद्ध संकट को रोकने को कहा है। उधर, इससे पहले अमरीकी व्हाइट हाउस ने स्पष्ट करते हुए कहा था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं किया है।
सीरिया केमिकल अटैक
सीरिया में एक हफ्ते पहले हुए रासायनिक हमले ने सभी को हिला कर रख दिया। केमिकल अटैक के बाद जो तस्वीरें सामने आईं उसने पूरी दुनिया का कलेजा एक बार फिर छलनी कर दिया है। सीरिया में बीते शनिवार को रासायनिक हथियारों का हमला हुआ। विद्रोहियों के कब्जे वाली डूमा में कथित तौर पर जहरीली गैस के हमले किए गए। इन हमलों में 100 से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें बच्चों की तादाद ज़्यादा है।
500 से ज्यादा लोग प्रभावित
इस अटैक में 500 से भी ज्यादा लोग प्रभावित हुए। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने बताया कि सीरिया केमिकल अटैक में 500 से अधिक लोगों में इस अटैक का के लक्षण पाए गए हैं। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सीरिया जाने देने की अनुमति भी मांगी है, ताकि हालात का जायजा लिया जा सके। वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि सीरिया में जो कैमिकल अटैक हुआ था उसमें नर्व गैस का इस्तेमाल किया गया था। बता दें कि नर्व गैस वह गैस होती है, जिससे लोगों का सांस लेना मुश्किल हो जाता और उनके मुंह से झाग निकलने लगता है।
Published on:
14 Apr 2018 08:47 am
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