
नई दिल्ली । सीरिया के खिलाफ अमरीकी सैन्य कार्रवाई में ब्रिटेन ने साथ देने के संकेत दिए हैं। ब्रिटने ने कहा है कि इस बात की काफी संभावना है कि सीरिया की असद सरकार ने अपने ही लोगों पर रासायनिक हथियार से हमले किए हैं। सीरिया में अमरीका द्वारा सैन्य कार्रवाई करने के फैसले के बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने भी साथ देने के संकेत दिए हैं।
सीरिया के तट पर दिखा अमरीकी सैन्य विमान
आपको बता दें कि सात अमरीकी सैन्य विमान सीरिया के तट के निकट निगरानी मिशन पर देखे गए हैं, जिसमें रूस के हेएमिम एयरबेस और टारटस नौसैनिक बेस स्थित हैं। मीडिया रिपोर्ट के मिताबिक यह जानकारी रूस के सैन्य उड़ान निगरानी केंद्र ने शुक्रवार को ट्वीट कर दी। इसमें कहा गया है, "छह अमेरिकी नौसैनिक पी-8ए पोसेडन गश्ती विमान इटली के सिसिलिया द्वीप और ईपी-3ई एरीस द्वितीय निगरानी विमान ग्रीस के क्रेट द्वीप से रवाना हुआ था।"
अमरीका को मिला फ्रांस और ब्रिटेन का साथ
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच गुरुवार को एक कैबिनेट बैठक हुई जिसमें सीरिया पर अमरीकी सैन्य कार्यवाई करने पर समर्थन देने पर सहमति बनी लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह स्पस्ट नहीं किया है कि ब्रिटेन क्या कदम उठाएगा। बता दें कि प्रधानमंत्री कार्यालय की और से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीरिया में असद सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने और मानवीय स्थिति में सुधार की जरूरत है। बयान में कहा गया है कि ब्रिटेन इसे लेकर अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई में अमेरिका और फ्रांस का साथ देगा।
रासायनिक हमला बेहद ही डरावना है : थेरेसा मे
बता दें कि बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने पूर्वी गोता के डौमा में रासायनिक हमले को बहुत ही डरावना और बर्बर कृत्य बताया है। इस हमले में बच्चों सहित 75 लोगों की मौत हो गई थी। गौरतलब है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने सीरिया की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के रुख के बारे में गुरुवार रात अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की। बातचीत में दोनों नेताओं ने आपसी सहमति बनी कि असद सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का एक खतरनाक चलन शुरू किया है।
फ्रांस ने भी अमरीकी कार्रवाई का किया समर्थन
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सीरिया पर हमले को लेकर पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि डौमा पर संदिग्ध रासायनिक हमले के आरोप बेबुनियाद हैं। हालांकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनके पास सबूत हैं कि असद सरकार ने डौमा में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया और वह इस संदर्भ में अमरीकी कार्रवाई का समर्थन करेंगे।
Updated on:
13 Apr 2018 09:34 pm
Published on:
13 Apr 2018 09:30 pm
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