
ट्रंप के उत्तर कोरिया पर तंज के लिए चीन ने अमेरिका को दिखाई आंखें
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से उत्तर कोरिया पर तंज कसना चीन का नागवार गुजरा है। इस पर चीन ने अमरीका की आलोचना करते हुए ट्रंप के इस बयान को गैर जिम्मेदराना और बेतुका करार दिया है। बता दें, ट्रंप ने अपने तर्क की पुष्टि यह कहकर भी करनी चाही थी कि चीन शीत युद्ध के दौर के अपने सहयोगी पर नियंत्रण करने में मदद नहीं कर रहा है। बता दें, ट्रंप ने इसी सप्ताह विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ की प्रस्तावित उत्तर कोरिया यात्रा को रद्द कर दिया था।
चीन ने लगाया अमेरिका बेतुके तर्कों का आरोप
ट्रंप के इस रवैये पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि- ‘मेरे जैसे बहुत सारे लोग यह मानते हैं कि जब सच को घुमाने, गैरजिम्मेदाराना और बेतुके तर्कों की बात आती है, तो अमेरिका का नाम सबसे ऊपर आता है।’ हुआ ने कहा कि- ‘इस तर्क को आसानी से नहीं समझा जा सकता है।’
उन्होंने कहा कि ट्रंप उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की सीधी आलोचना से इनकार करते रहे हैं। इसके बजाए बातचीत में प्रगति के अभाव के लिए दूसरे पक्ष पर आरोप लगाते हैं, जबकि ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका को प्योंगयोंग से एक कड़ा पत्र मिला था। इसके बाद ही अमेरिकी विदेश मंत्री का पिछले सप्ताह प्रस्तावित उत्तर कोरिया दौरा रद्द किया गया।
अमेरिका चीन की तरह मुद्दों को सुलझाए
चीन ने इस पर अमेरिका को नसीहत भी दी। हुआ ने कहा कि- ‘हमें उम्मीद है, जिस तरह चीनी करते हैं, उसी तरह अमेरिका भी मुद्दों को सुलझाने में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका अदा करनी चाहिए। समस्याओं को सुलझाने के लिए उसे अपने अंदर झांकना चाहिए न कि दूसरों पर आरोप लगाने चाहिएं।
बता दें, ट्रंप ने कहा था कि- ‘उत्तर कोरियाई समस्या की एक वजह चीन के साथ कारोबारी विवाद हैं।’ हालांकि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनके संबंध बेहद अच्छे और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ बेहद शानदार हैं।
कोरियाई प्रायद्वीप में संयुक्त सैन्य अभ्यास नहीं: ट्रंप
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा वह कोरियाई प्रायद्वीप में संयुक्त सैन्य अभ्यास को फिर से शुरू करने पर विचार नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने यहां तक कहा कि व्यापार पर अमेरिकी कदमों से नाराज चीन अब उत्तर कोरिया को लेकर उतना कठोर नहीं है जितना वह हो सकता था। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि ‘हम जानते हैं कि चीन उत्तर कोरिया की सहायता कर रहा है और इसमें धन, ईंधन, खाद और दूसरी विभिन्न सामग्री शामिल हैं। लेकिन यह मददगार नहीं है।’
Published on:
30 Aug 2018 06:51 pm
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