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दुनिया के करीब 2.4 करोड़ बच्चे नहीं जा पाते स्कूल, 7 करोड़ लोग बेघर

Highlights: संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सम्मेलन में उठा मुद्दा चीन ने इन मानवाधिकार मामलों का मांगा समाधान विकास से शांति को मजबूत करने की जरुरत
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नई दिल्ली

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Shweta Singh

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Updated: 6 Mar 2020, 3:22 PM IST

China in UNHRC

बीजिंग। चीन ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 43वें सम्मेलन में वैश्विक शिक्षा और खाद्यान्न अधिकार मुद्दे पर चिंता जाहिर की। चीन ने कहा कि वर्तमान में विश्व के 16.8 करोड़ लोगों को आपात मानवीय सहायता चाहिए। 7 करोड़ लोग बेघर हैं, और संघर्ष से ग्रस्त क्षेत्रों में 2.4 करोड़ बच्चे स्कूल नहीं जा पाते हैं।

मानवाधिकार मामलों को चाहिए समाधान

चीन ने कहा कि इन मानवाधिकार मामलों का समाधान करने की आवश्यकता है। शांति के बिना मानवाधिकार हासिल नहीं होगा। चीनी विदेश मंत्रालय के मानवाधिकार मामले के विशेष प्रतिनिधि ल्यू ने संघर्ष व युद्ध पीड़ित जनता के मानवाधिकार पर ध्यान देने की अपील की।

विकास से शांति को मजबूत करने की जरुरत

उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष और आतंकवादी कार्रवाई फैल रही हैं। दसेक वर्षो से चल रहे ऐसे ही कुछ संघर्ष हैं जो अब तक हल नहीं हुए हैं। विभिन्न पक्षों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करना, समान वार्ता और विचार-विमर्श पर कायम रहकर शांतिपूर्ण रूप से संघर्षो का समाधान करना, सहयोग से शांति की रक्षा करना और विकास से शांति को मजबूत करना चाहिए।

खाद्यान्न अधिकार मुद्दे पर चीन का बयान

बैठक में खाद्यान्न अधिकार मुद्दे पर चीन ने कहा कि विश्व का सब से बड़ा विकासशील देश और जिम्मेदार देश होने के नाते, चीन सक्रिय रूप से विश्व की अनाज सुरक्षा के निपटारे में भाग लेता है, बहुपक्षीय व्यापार सिस्टम की दृढ़ता से रक्षा करता है और संयुक्त राष्ट्र के 2030 अनवरत विकास कार्यक्रम का कार्यान्वयन करेगा। चीन विश्व अनाज सुरक्षा की रक्षा करने और समान विकास को आगे बढ़ाने में सक्रिय योगदान प्रदान करेगा।