Coronavirus को लेकर हुआ नया खुलासा, तेज धूप में सबसे ज्यादा खतरा, तेजी से बढ़ी संक्रमितों की संख्या

Highlights

-कोरोना वायरस (Coronavirus in india) को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन (Coronavirus vaccine) या दवा तैयार नहीं हो पाई है

-पर इसे लेकर हर रोज शोधकर्ता व वैज्ञानिक नए- नए दावे कर रहे हैं। कोरोना वायरस फैलने के बाद बताया गया था कि धूप वायरस को खत्‍म कर सकती है

-यह दावा अमरीकी होमलैंड सिक्‍योरिटी विभाग (US Homeland Security Department) (डीएचएस) के शुरुआत अध्‍ययनों से पता लगा था।

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे। हर दिन तेजी से यह महामारी फैल रही है। कोरोना वायरस (Coronavirus in india) को लेकर अभी तक कोई वैक्सीन (Coronavirus vaccine) या दवा तैयार नहीं हो पाई है। पर इसे लेकर हर रोज शोधकर्ता व वैज्ञानिक नए- नए दावे कर रहे हैं। कोरोना वायरस फैलने के बाद बताया गया था कि धूप वायरस को खत्‍म कर सकती है। यह दावा अमरीकी होमलैंड सिक्‍योरिटी विभाग (US Homeland Security Department) (डीएचएस) के शुरुआत अध्‍ययनों से पता लगा था।

शोध में पता लगा था कि ज्‍यादा तापमान और अधिक ह्यूमिडिटी (Humidity) में कोरोना अधिक देर तक नहीं टिकता है। इसके चलते जून व जुलाई के महीने में कोरोना वायरस अपनी रफ्तार कम कर सकता है।पर ये सारी बातों में एक अध्ययन ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पत्रिका ‘जियोग्राफिकल एनालिसिस’ (Geographical Analysis) में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि लंबे समय तक धूप खिली होने से महामारी के मामले बढ़ सकते है।

मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में हुआ अध्ययन

यह अध्ययन कनाडा की मैकमास्टर यूनिवर्सिटी के नेतृत्व में हुआ है। इस अध्ययन में अनुसंधानकर्ताओं ने इस बारे में व्यापक वैज्ञानिक बहस को लेकर जानकारी दी है कि मौसम में बदलाव से खासकर गर्मी के मौसम से कोरोना वायरस के फैलने की रफ्तार पर क्या असर पड़ता है। अनुसंधानकर्ता बताते हैं कि इन्फ्लुएंजा और सार्स जैसे विषाणुजनित रोग कम तापमान और आर्द्रता में पनपते हैं, वहीं कोरोना वायरस फैलाने वाले वायरस सार्स-सीओवी-2 को लेकर इस बारे में कम ही जानकारी है।

पाबंदियों पर करता है निर्भर

मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर और प्रमुख अध्ययनकर्ता अंतोनियो पायेज ने कहा कि, ‘आंशिक रूप से आवाजाही पर पाबंदियों पर निर्भर करता है कि मौसम में बदलाव से सार्स-सीओवी-2 पर क्या प्रभाव पड़ेगा। दुनियाभर में अब पाबंदियों में ढील देना शुरू कर दिया गया है।’

खिली धूप में कोरोना के मामले अधिक

पायेज और उनके सहयोगियों ने स्पेन के अनेक प्रांतों में धूप व ठंडक में कोविड-19 फैलने को लेकर रिसर्च किया। वैज्ञानिकों ने आपातकालीन स्थिति की घोषणा से ठीक पहले 30 दिन की अंदर संक्रमण के मामलों की संख्या और मौसम संबंधी जानकारी संकलित की और उस पर पूरी रिसर्च की। उन्होंने कहा कि अधिक धूप की स्थिति में उलटी ही बात देखने में आई। ज्यादा देर सूरज निकलने में मामले अधिक होते देखे गए। यानी खिलती धूप में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते पाए गए ।

24 घंटे में 357 मौतें

गौरतलब है कि भारत में लॉकडाउन को खोलने की कोशिशों के बीच कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या में इजाफा जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के रिकॉर्ड 9986 मामले आए और अब तक सबसे ज्यादा 357 जानें गईं। इसी के साथ अब भारत में संक्रमितों की संख्या 2 लाख 86 हजार 579 तक पहुंच गई। वहीं कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 8102 हो गई है।

Ruchi Sharma
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