1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई मरीजों में दिखे ये लक्षण, शोध में सामने आया ये सच

कोविड-19 से उबर रहे 2,70,000 से ज्यादा लोगों पर कोरोन के लक्षणों पर अध्ययन किया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Mohit Saxena

•

Updated: 29 Sep 2021, 11:57 PM IST

coronavirus

coronavirus

नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होने के बाद करीब 37 प्रतिशत मरीजों में तीन से छह माह की अवधि में एक लक्षण लंबे समय तक देखा गया। ब्रिटेन के एक नए अध्ययन रिपोर्ट में बुधवार को यह दावा करा गया।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च (एनआईएचआर) ऑक्सफोर्ड हेल्थ बायोमेडिकल सेंटर (बीआरसी) ने कोविड-19 से उबर रहे 2,70,000 से ज्यादा लोगों पर कोरोन के लक्षणों पर अध्ययन किया। अमरीकी ट्राईनेटएक्स इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकार्ड नेटवर्क के आंकड़ों से नई बाते सामने आई हैं।

इस अध्ययन में सामने आया है कि पुरुषों और महिलाओं में सबसे ज्यादा सांस की परेशानी सामने आई। इसके साथ पेट संबंधी समस्या, थकान, दर्द और बेचैनी या अवसाद शामिल हैं। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के डॉ मैक्स ताक्वेत के अनुसार नतीजों से यह पुष्टि होती है कि सभी उम्र के लोगों का एक बड़ा भाग कोरोना वायरस संक्रमण के बाद छह माह तक कई सारे लक्षणों और समस्याओं से ग्रसित रह सकता है।

सांस लेने में समस्या के मामले अधिक

संक्रमण की गंभीरता, उम्र और मरीज के पुरुष या महिला होने से कोविड के दीर्घकालीन लक्षणों की संभावना प्रभावित हुई। ये लक्षण उन लोगों में ज्यादा नजर आए जो अस्पताल में भर्ती थे और यह महिलाओं में आंशिक रूप से अधिक थी। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और अध्ययन का नेतृत्व करने वाले पॉल हैरिसन के अनुसार 'यह समझने के लिए विभिन्न तरह के अध्ययन की तुरंत जरूरत है कि क्यों हर कोई तेजी से और पूरी तरह से कोविड से नहीं उबर रहा।'