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डोनाल्ड ट्रंप ने फिर रखी कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश, कहा- मुमकिन है तो करेंगे मदद

दावोस समिट (Davos Summit) के दौरान इमरान खान और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात (Imran Khan Donald Trump meeting) ट्रंप ने पाकिस्तान के दौरे से किया इनकार

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Imran Khan Donald Trump meeting

Imran Khan Donald Trump meeting

न्यूयॉर्क। अमरीका ( America ) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता ( Donald Trump On Kashmir ) की पेशकश की है। उन्होंने मंगलवार को एक बयान में कहा कि वे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ( Imran Khan Donald Trump meeting ) से कश्मीर मुद्दे पर बात कर रहे हैं और अगर वे इस मामले में मदद कर सकते हैं तो जरूर करेंगे।

पहले से ज्यादा संभले नजर आए ट्रंप

दावोस में इमरान से मुलाकात से पहले उन्होंने अपने बयान में कहा, 'हम कश्मीर मुद्दे और भारत-पाकिस्तान के रिश्ते के विषय में बात कर रहे हैं। अगर हम मदद कर सकते हैं तो जरूर करेंगे।' उन्होंने कहा, 'और हम इसे देख रहे हैं और इस मामले पर काफी बारीकी से नजर रखे हुए हैं।' हालांकि, इस बार कश्मीर मुद्दे पर दखल के बारे में बोलते समय ट्रंप पहले से काफी सावधान रहे। पहले उन्होंने दावा किया था कि मोदी ने उनसे मदद मांगी थी। उन्होंने इस बार अपने बयान में कहा, 'अगर हम मदद कर सकते हैं।'

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भारत-पाकिस्तान के बीच हुआ है यह समझौता

आपको बता दें कि कश्मीर मुद्दा या पाकिस्तान से किसी भी अन्य मुद्दे पर भारत ने 1972 में हुए शिमला समझौते के कारण किसी भी तीसरे पक्ष के दखल का विरोध किया है। शिमला समझौते के अनुसार दोनों देशों ने अपने विवादों को आपस में सुलझाने की संधि की थी। ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान और अमरीका के बीच वर्तमान में सबसे घनिष्ठ संबंध चल रहे हैं।

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पाकिस्तान नहीं जाएंगे ट्रंप

वाइट हाउस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, खान ने वाशिंगटन को भारत से विवाद सुलझाने में भूमिका निभाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए पाकिस्तान में यह बड़ा मुद्दा है। और बेशक हम हमेशा उम्मीद करते हैं कि इन मुद्दों को सुलझाने में अमेरिका भूमिका निभाएगा क्योंकि और कोई देश ऐसा नहीं कर सकता।' ट्रंप से एक पत्रकार द्वारा यह पूछने पर कि क्या आगामी भारत दौरे के दौरान वे पाकिस्तान जाएंगे तो उन्होंने कहा कि वे इमरान से यहां मिल रहे हैं तो वे वहां नहीं जाएंगे।