हवाना. क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो की मौत से क्यूबा की जनता शोक में डूबी है। बावजूद इसके फिदेल की याद में सड़कों व सार्वजनिक स्मारकों का नाम फिदेल नहीं रखा जाएगा। फिदेल कास्त्रो के भाई व मौजूदा राष्ट्रपति राउल कास्त्रो ने इस बाबत घोषणा की।
राउल कास्त्रो ने कहा कि फिदेल नहीं चाहते थे कि उनके चले जाने के बाद इस तरह नाम रखने की कोई परंपरा शुरू हो। राउल ने पूर्वी शहर सैंटियागो में फिदेल को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए लोगों को एेसा कहा। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता की इस इच्छा को पूरा किया जाएगा। इसके लिए नेशनल असेंबली अगले सत्र में एक कानून पारित करेगी। उन्होंने बताया कि उनके भाई चाहते थे कि मृत्यु के पश्चात उनके नाम पर किसी भी संस्थान, सड़क, पार्क व अन्य सार्वजनिक स्थानों का नाम न रखा जाए। वो स्मारक और मूर्तियां बनाने के भी खिलाफ थे।
चार दिन तक चली अंतिम यात्रा संपन्न
कास्त्रो की अस्थियां शनिवार दोपहर सैंटियागो पहुंची थीं। इसके बाद हवाना के प्लाजा ऑफ द रिवोल्यूशन से चार दिन दिवसीय अंतिम यात्रा शुरू हुई थी। समूचे क्यूबा में यात्रा की गई। अब यह यात्रा सपंन्न हो चुकी है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपने क्रांतिकारी नेता को अंतिम विदाई दी।
ये अंतरराष्ट्रीय नेता पहुंचे
अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस, निकारागुआ के नेता डेनियल ओर्टेगा, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो, ब्राजील के दो पूर्व राष्ट्रपति डिल्मा राउसेफ और लूला दा सिल्वा यहां आए थे।