वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेश के मुताबिक मारबर्ग वायरस आमतौर पर रौसेटस चमगादड़ की गुफाओं से जुड़ा होता है। इसका संक्रमण संक्रमित लोगों के शारीरिक तरल पदार्थ, या दूषित सतहों और सामग्रियों के संपर्क में आने से फैलता है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हम गिनी के स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा सतर्कता और त्वरित जांच कार्रवाई की सराहना करते हैं।