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फ्रांस के विदेश मंत्री जीन युवेस की चेतावनी: इदलिब को निशाना बना सकती है सीरियाई सेना

अमरीका का सीरिया पर हमले के बाद सीरियाई सेना आतंकी नियंत्रण वाले ठिकानों पर हमला कर सकती है।

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Dhirendra Kumar Mishra

Apr 15, 2018

france foreign minister

नई दिल्‍ली। रविवार को फ्रांस के विदेश मंत्री जीन युवेस ली ड्रायन ने आशंका जाहिर की है कि सीरिया की सेना आतंकवादियों के नियंत्रण वाले ठिकानों को अपना निशाना बना सकती है। उन्‍होंने कहा कि इदलिब शहर सीरियाई सैनिकों का अगला निशाना हो सकता है। जीन युवेस ने फ्रांस के जर्नल दु दिमानचे को बताया कि दुनिया को एक नई मानवीय त्रासदी का सामना करना पड़ सकता है। इदलिब का भविष्य राजनयिक बातचीत के जरिए तय करने की जरूरत है। इस बातचीत में आतंकवादियों का निश:स्त्रीकरण को भी एजेंडा में शामिल किया जा सकता है।

हमारा दुश्‍मन आईएस है
फ्रांस के विदेश मंत्री ने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारा मुख्य दुश्मन इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकवादी समूह हैं जो सीरिया के पूर्वी हिस्से में फिर से जमा हो रहे हैं। इस मामले में रूस सीरिया की हकीकत को दुनिया से छुपा रहा है। रूस की तरफ से राष्‍ट्रपति बशर अल-असद के संरक्षण को उचित नहीं ठहराया जा सकता। रूस वर्ष 2013 और 2017 में सीरिया सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से इनकार करता रहा है। यह सच्चाई से मुहं छिपाना है। पिछले सप्‍ताह हुए रासायनिक हमले को भी रूस छुपाने में लगा है।

सीरिया में 7 साल से जारी है गृह युद्ध
आपको बता दें कि सीरिया में पिछले सात सालों से गृह युद्ध जारी है। इस युद्ध ने दुनिया के नए सिरे से दो ध्रुवों बांट दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस और अमरीका की सेनाएं सीरिया में हमले कर रही हैं और दूसरी तरफ रूस सीरिया सरकार के साथ खड़ा है। अमरीका और उसके सहयोगी देशों का मानना है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद ने डूमा में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया, जबकि सीरिया, ईरान और रूस इससे इनकार कर रहे हैं। इस पूरे विवाद में एक चेहरा जो बेहद अहम हो चला है, वह राष्ट्रपति बशर अल-असद का है जिन्होंने इतने लंबे गृह युद्ध के बाद भी सीरिया में अपनी सत्ता को बचाए रखा है और जिनकी सरकार पर दुनिया में एक बड़ी जंग की आशंकाएं पैदा करने का आरोप लगाया जा रहा है।