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‘सीरिया ने शांति प्रक्रिया के सभी रास्ते कर दिए हैं बंद’

फ्रांसीसी राजदूत फ्रैंकोइस डिलैट्रे ने शनिवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में सीरिया में हुए रासायनिक हमलों पर चिंता जताई।

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दमिश्क। सीरिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर कई देशों ने आपत्ति जताई है। फ्रांस ने चेतावनी दी है कि सीरियाई सरकार ने इन हथियारों का उपयोग कर शांति की सारी प्रक्रिया को ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ सीरिया ने वैश्विक खतरे को भी बढ़ावा दिया हैै।

फ्रांसीसी राजदूत फ्रैंकोइस डिलैट्रे ने शनिवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि सीरिया में दोबारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए विश्व की शक्तियों को इस खतरे का करारा जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि सीरिया ने इन हथियारों का इस्तेमाल कर शांति बहाली के सभी रास्ते बंद कर दिए हैं।

खतरे को समाप्त करने का हल निकालें

फ्रांसीसी राजदूत ने बैठक में कहा कि सामूहिक सुरक्षा के लिए हमें खतरे से निकलने की जरूरत होगी। हमें सीरिया में रासायनिक हथियारों को समाप्त करना चाहिए। इस दौरान अमरिका डूमा शहर में हुए रासायनिक हमले को लेकर ब्रिटेन और फ्रांस से लगातार परामर्श कर रहा है। अमरिकी राजदूत निक्की हेली का कहना है कि सैन्य कार्रवाई पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मगर सीरियाई सरकार की इन हरकतों पर पैनी नजर रखी जा रही है और इस खतरे से निपटने के लिए पुख्ता कार्रवाई की आवश्यकता होगी।

रूस कर रहा बचाव

इस मामले में सीरियाई सरकार के समर्थन में रूस खड़ा हुआ है। उसका कहना है कि बशर अल असद सरकार को विरोधी गुट के लोग फंसाने का प्रयास कर रहे है। सीरिया में कोई भी रासायनिक हमला नहीं हुआ है। दुनिया को दिखाने के लिए विरोधी गुट फर्जी वीडियो और तस्वीरों का सहारा ले रहा है। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को सीरिया में हुए रासायनिक हमले में करीब 70 लोगों की मौत की खबर है। इसे लेकर फ्रांस और ब्रिटेन ने सीरिया में जांच दल भी भेजे हैं ताकि हमले के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। रूस का कहना है कि अगर वैश्विक शक्तियां सीरिया पर हमला करतीं है तो रूस उनका समर्थन नहीं करेगा।