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100 से ज्यादा अमरीकी मिसाइलों से दहली सीरिया की राजधानी, रूस ने परिणाम भुगतने की धमकी

सीरिया के खिलाफ अमरीका और फ्रांस और इंग्लैंड ने युद्ध छेड़ दिया है। दमिश्क में सेना लगातार बमबारी कर रही है।

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Syria Chemical

नई दिल्ली। अमरीका ने सीरिया के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद सेना ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी और आसपास के इलाकों में धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है। खबर है कि अमरीका अबतक 100 से ज्यादा मिसाइलें दाग चुका है।

पुतिन बोले- अपमान बर्दाश्त नहीं

सीरिया में अमरीकी हमले से रूस भड़क गया है। पुतिन ने कहा है कि अब अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक रुसी राजदूत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमरीका हमले के बाद अब परिणाम के लिए तैयार रहे।

रूस ने दी अमरीकी मिसाइलों को मार गिराने की चेतावनी
अमरीकी अधिकारियों ने बताया सीरिया के खिलाफ इस अभियान में लड़ाकू विमानों के अलावा जलपोतों का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सीरिया के खिलाफ अमरीका की इस एयर स्ट्राइक में फ्रांस और इंग्लैंड भी साथ हैं। वहीं रूस ने चेतावनी दी है कि वो अमरीकी मिसाइलों को मार गिराएगा।

हमले से पहले देखे गए अमरीकी सैन्य विमान
हमले से करीब 12 घंटे पहले सात अमरीकी सैन्य विमान सीरिया के तट के निकट निगरानी मिशन पर देखे गए जहां रूस के हेएमिम एयरबेस और टारटस नौसैनिक बेस स्थित हैं। बताया गया था कि छह अमरीकी नौसैनिक पी-8ए पोसेडन गश्ती विमान इटली के सिसिलिया द्वीप और ईपी-3ई एरीस द्वितीय निगरानी विमान ग्रीस के क्रेट द्वीप से रवाना हुआ था।

रासायनिक हथियारों के हमले से बढ़ा तनाव
बता दें कि पूर्वी गोता के दोउमा में हाल में कथित रूप से सीरिया द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को लेकर तनाव बढ़ गया है। इस हमले में बच्चों सहित 74 लोग मारे गए थे, जबकि करीब 500 लोग इसकी चपेट में आए थे। दुनिया भङर में इसी पुरजोर निंदा हुई थी। इसी के बाद अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के लिए सीरियाई सरकार को दोषी ठहराते हुए सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि इस केमिलकल हमले में सीरिया के साथ रूस और ईरान भी शामिल हैं।

बशर ने कहा- रासायनिक हमले के आरोप मनगढ़ंत
अमरीकी हमले से पहले गुरुवार को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने सीरिया पर हमले को लेकर पश्चिमी देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि डौमा पर संदिग्ध रासायनिक हमले के आरोप मनगढ़ंत हैं। जिसके जवाब में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनके देश के पास सबूत हैं कि असद सरकार ने डौमा में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया और वह इस मामले में अमरीकी कार्रवाई का समर्थन करेंगे।

अमरीकी हमले के खिलाफ जर्मनी
जर्मनी की चांसलर व क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) की नेता एंजेला मर्केल ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि जर्मनी, सीरिया के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य हमले में शामिल नहीं होगा। मर्केल ने मीडिया से कहा कि जर्मनी अगर सैन्य कार्रवाई हुई तो इसमें भाग नहीं लेगा और मैं दृढ़तापूर्वक यह साफ करना चाहती हूं कि सैन्य हस्तक्षेप पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मर्केल ने यह भी कहा कि रासायनिक हथियार का प्रयोग हमेशा 'अस्वीकार्य' होगा।