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सीरिया में रासायनिक हमले को लेकर रूस पर नरम पड़े ट्रंप, संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

सीरिया में कथित तौर पर हुए रासायनिक हमले पर ट्रंप ने रूस पर निशाना साधने के बाद अपने बयान में नरमी बरतनी शुरू कर दी है।

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नई दिल्ली : विश्व की दो बड़ी ताकतें हैं अमरीका और रूस जिनके बीच सीरिया में रासायनिक हमले की घटना को लेकर तनातनी बढ़ रही है। लेकिन अब अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर रूस को लेकर नरम पड़े हैं। बता दें कि बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर रूस को हमले की चेतावनी दी जिसके बाद हड़कंप मच गया। संयुक्त राष्ट्र संघ ने आपातकालीन बैठक बुलाई। अब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में थोड़ी नरमी बरतते हुए ट्वीट कर कहा कि, " यह कभी नहीं कहा कि सीरिया पर हमला कब होगा। यह बहुत जल्द हो सकता है या फिर बिल्कुल भी जल्द नहीं हो। मेरे शासन में अमरीका ने इस क्षेत्र से
आईएसआईएस के सफाए का शानदार काम किया है। इसके लिए अभी तक 'धन्यवाद अमरीका' नहीं कहा।

ट्रंप ने दी रूस को चेतावनी
खबरों के मुताबिक सीरिया के पूर्वी गूटा में हुए कथित रासायनिक हमले में कम से कम 70 लोगों के मारे जाने की खबर है। कहा गया है कि 500 से अधिक लोगों में रासायनिक हमले के लक्षण पाए गए हैं। इसी के संदर्भ में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट करते हुए रूस को चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि, असैन्य लोगों पर रासायनिक हथियारों के हमले के जवाब में ‘अमरीकी मिसाइलें आएंगी’। ट्रंप ने कहा था कि, रूस तैयार हो जाओ, क्योंकि मिसाइलें आने वाली हैं, जो पहले से शानदार, नई और स्मार्ट होंगी। ट्रंप ने कहा कि, " आप को गैस से मारने वाले पशु के साथ साझेदार नहीं होना चाहिए जो अपने लोगों को ही मार कर आनंद ले रहा है "।

क्या हुआ है सीरिया में ?
सीरीया में गृह युद्ध चल रहा है। सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर रासायनिक हमले के आरोप लग रहे हैं। पूर्वी गूटा के डूमा जिले में विद्रोहियों ने कहा था कि सीरियाई सेना ने डूमा में क्लोरिन गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डूमा शहर में ज़हरीली गैस से हमले में कम से कम 70 लोगों की मौत हुई है। हालांकि, सीरिया सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है और इन्हें विद्रोहियों की मनगढ़ंत कहानी बताया। गौर करने वाली बात ये है कि पूर्वी गूटा क्षेत्र में डूमा विद्रोहियों के कब्ज़े वाला आख़िरी इलाक़ा है।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र ने सीरियाई नागरिकों के खिलाफ कथित रासायनिक हमले के खिलाफ चिंतित नजर आ रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि सीरिया में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है। यूएन के महासचिव अंटोनियो गुटेरेश ने बुधवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र इस मसले का कूटनीतिक समाधान निकालने में असफल रहा है. उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों, अमरीका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के राजदूतों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो। संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया संकट पर बातचीत के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है। वहीं ब्रिटेन ने भी इस मुद्दे पर आपातकालीन कैबिनेट बैठक बुलाई।