17 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पुलवामा अटैक: मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की तैयारी, UN में फ्रांस लाएगा प्रस्‍ताव

- पुलवामा हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद ने ली है।- जैश के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की तैयारी है।- फ्रांस के साथ अमरीका और ब्रिटेन UN में इसे लेकर प्रस्ताव ला सकते हैं।

2 min read
Google source verification
Masood Azhar

पुलवामा हमला: मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की तैयारी, UN में फ्रांस लाएगा प्रस्‍ताव

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 40 सीआरपीएफ जवानों की कुर्बानी के जिम्मेदार जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर अब शिकंजा कसने वाला है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फ्रांस ने कहा है कि वे संयुक्त राष्ट्र (UN) में मौलाना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग करेगा। इसके साथ ही पाक की सरजमीं पर रह रहे मसूद पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव देगा। फ्रांस के साथ ब्रिटेन और अमरीका भी मसूद के खिलाफ भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। जो भारत के लिए बड़ी सफलता है।

इमरान खान तो जैश-ए-मोहम्मद की भाषा बोल रहे: कांग्रेस

हर बार पाक के साथ मसूद को बचाता रहा चीन

मसूद अजहर पुलवामा हमले के अलावा विमान ICA18 की हाईजैकिंग, 2001 में भारतीय संसद पर हमला, नागरोटा हमला, उरी हमला और पठानकोट आईएएफ बेस हमले का मास्टरमाइंड है। इस सभी वारदातों में उसी के आतंकियों ने मौत का खेल खेला है। इन सबके बावजूद मसूद अजहर अबतक संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवादियों की सूची में नहीं है। हालांकि भारत लंबे समय से इसकी कोशिश में है, लेकिन हर बार चीन अपनी चाल चल देता है। दरवाजे के पीछे से पाकिस्तान की मदद करने वाला चीन यूएन सिक्योरिटी काउंसिल में मसूद अजहर पर अपने वीटो का इस्तेमाल कर उसको बचाता रहा है।

इमरान ने मसूद पर साधी चुप्पी, भारत ने फटकारा

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने मंगलवार को एक बयान देते हुए पुलवामा हमले पर अपना पल्ला झाड़ लिया। अपने सात मिनट के बयान में इमरान ने जैश और मसूद पर बोलने से परहेज किया है। जिसके बाद भारत की ओर से उन्हें करारा जवाब दिया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद खुद जैश-ए-मोहम्मद ने इस नृशंस घटना की जिम्मेदारी ली। यह एक ज्ञात तथ्य है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर पाकिस्तान में हैं। यह सबूत पाकिस्तान की ओर से आतंक के खिलाफ कदम उठाए जाने के लिए पर्याप्त होना चाहिए।