
जर्मनी के स्टटगार्ट सिटी सेंटर में लूटपाट।
बर्लिन। जर्मनी (Germany) के स्टटगार्ट सिटी सेंटर (Stuttgart city centre) में रविवार को अचानक सैकड़ों दंगाइयों ने मिलकर जमकर उत्पात मचाया। इन्हें रोकने पहुंची पुलिस पर पथराव हुआ। दुकानों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए गए। शो रूम में लूटपाट की गई। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर दंगाइयों ने पुलिस पर भी जानलेवा हमले किए।
दक्षिण-पश्चिमी शहर के अधिकारियों के अनुसार पुलिस फिलहाल इस मामले की छानबीन कर रही है और 20 से अधिक लोगों से पूछताछ जारी है। इन्हें अस्थायी रूप से गिरफ्तार किया गया है। इस हिंसा मे दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
शहर के सबसे बड़े चौक,श्लोसप्लाट्ज (Schlossplatz) के पास एकत्र हुए लोगों द्वारा ड्रग (Drug) लेने की सूचना पर पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी थी। जांच के दौरान अचानक यहां पर झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस पर हमले शुरू हो गए। पुलिस के अनुसार करीब 500 लोगों की भीड़ ने यहां की आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ मचानी शुरू कर दी। इन लोगों ने डंडे और पत्थर का इस्तेमाल कर दुकानों के शीशे तोड़ दिए ओर लूटपाट शुरू कर दी।
पुलिस को इन दंगों को रोकने के लिए अतिरक्त सैन्य बल बुलाना पड़ा। माहौल को शांत करने में कई घंटे लग गए। ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो में लोगों को दुकानों की खिड़कियों को तोड़ते हुए दिखाया। सड़कों पर सामान बिखरा पड़ा था। इस दौरान एक आभूषण की दुकान पूरी तरह से खाली हो गई और एक मोबाइल फोन की दुकान बर्बाद हो गई। यहां पर बीते सप्ताह भी पुलिस और युवाओं के बीच हिंसक झड़प हुई थी।
राज्य के प्रमुख विनफ्रेड क्रेटचमैन बाडेन-वुर्टेमबर्ग ने एक बयान में कहा कि वह हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। ये कृत्य आपराधिक कार्रवाई है, जिस पर मुकदमा चलाने की जरूरत होगी। इसकी निंदा की जानी चाहिए।
क्षेत्र के आंतरिक मंत्री थॉमस स्ट्रोब के अनुसार ये दंगे एक "अभूतपूर्व प्रकृति" के थे। सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी के स्थानीय सांसद, साशा बिंदर ने इससे पहले हिंसा को "गृह युद्ध जैसे दृश्य" के रूप में बताया है।
Updated on:
22 Jun 2020 09:36 am
Published on:
22 Jun 2020 09:27 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
