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परमाणु बम से भी ज्यादा तबाही मचा सकता है हाइड्रोजन बम, जानें कैसे करता है काम

अमरीका ने जापान के दो शहरों पर किया था परमाणु बम का इस्तेमाल, उस हमले में 1,85,000 लोग मारे गए थे।

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ashutosh tiwari

Sep 04, 2017

hydrogen bomb

नई दिल्ली: रविवार को दुनियाभर के देशों में उस वक्त खलबली मच गई जब उत्तर कोरिया ने इस बात का दावा किया कि उसने हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण कर लिया है। उत्तर कोरिया के इस दावे के बाद जापान, अमरीका समेत कई देशों ने इसका कड़ा विरोध किया और आपत्ति जताई। आपको बता दें कि हाईड्रोजन बम को अब तक के सबसे खतरनाक परमाणु बम से भी ज्यादा नुकसानदेह बताया है। उत्तर कोरिया के दावे के बाद हर कोई ये जानने में जुट गया कि ये बम परमाणु बम से कितना अलग है और क्यों ? हाइड्रोजन बम के सफल परीक्षण को अमरीका और जापान ने इसे दुनिया के लिए खतरा बताया है।

उत्तर कोरिया ने किया है सफल परीक्षण
hydrogen bomb के बारे में बच्चे तो जानते है क्योंकि उन्होंने अपने किताबों में पढ़ा हुआ है क्योंकि यह नाभिकीय सलयंन का ही एक हिस्सा है जिस बारे में विज्ञान में पढ़ाया जाता है लेकिन दुनियाभर के अख़बारों में फिर यह चर्चा का विषय इसलिए बना हुआ है क्योंकि नार्थ कोरिया ने हाल ही में hydrogen bomb को लेकर कुछ परीक्षण किये है जिसके बाद उसने दावा किया है कि कोरिया ने hydrogen bomb बनाने में सफलता हासिल कर ली है।

कैसे काम करता है हाइड्रोजन बम

उत्तर कोरिया के द्वारा किए गए सफल परीक्षण के बाद हाइड्रोजन बम की चर्चाएं दुनियाभर की मीडिया कर रही है।

- आपको बता दें कि हाइड्रोजन बम या एच-बम परमाणु बम से ज्यादा विकसित और शक्तिशाली थर्मोन्यूक्लियर हथियार है।

- पुराने परमाणु हथियार विखंडन की क्रिया पर आधारित हैं, जिनमें परमाणु कई भागों में विभक्त होकर ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। हिरोशिमा और नागासाकी में भी ऐसे ही बम गिराए गए थे।

- थर्मोन्यूक्लियर एच-बम में विखंडन और संकलन दोनों क्रियाएं होती हैं और ज्यादा बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पन्न होती है। यानी एक ही समय में हाइड्रोजन के परमाणु विभक्त होते हैं और जुड़ते भी हैं।

- हाइड्रोजन बम में दो स्तर पर यह प्रक्रिया चलती है। शुरुआत में परमाणु में विखंडन होता है। इसके बाद संकलन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यह ठीक उसी तरह की प्रक्रिया है, जिससे सूर्य के विस्फोट के दौरान ऊर्जा उत्पन्न होती है।

1- प्लूटोनियम से भरे पहले हिस्से में विस्फोट की शुरुआत होती है। इसके बाद परमाणुओं में विखंडन शुरू हो जाता है।

2- इसके बाद पीछे की ओर भरे विस्फोटक में संकलन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसी दौरान यूरेनियम से भरे दूसरे हिस्से में भी विखंडन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
3- दूसरे चरण में यह प्रक्रिया पूरे विस्फोटक में होनी शुरू हो जाती है और अत्याधिक मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है।

परमाणु बम से ज्यादा तबाही मचा सकता है हाइड्रोजन बम

जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि यह बम परमाणु विस्फोट से भी अधिक क्षति पैदा करने क्षमता रखता है क्योंकि इसमें परमाणु बम से कहीं अधिक उर्जा होती है। जिसकी वजह से यह 1000 गुना अधिक तबाही मचा सकता है। हालांकि आकार के मामले में ये परमाणु बम से छोटा होता है। लेकिन शुक्र इस बात है कि इसका आज तक किसी भी वॉर में इस्तेमाल नहीं हुआ है जबकि atom bomb का इस्तेमाल अमेरिका जापान से युद्ध के समय में हिरोशिमा और नागासाकी पर कर चूका है। जिसमे कुल 1,85,000 लोग मारे गये थे |

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