5 जुलाई 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इमरान खान ने आतंकवाद पर अमरीका को ही दोषी ठहराया, कहा-यूएस का साथ देकर कर बैठे बड़ी गलती

इमरान ने कहा 9/11आतंकी हमले से पहले जिहादियों को तैयार करने में अमरीका ने ही मदद की थी पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि अमरीका का साथ देकर पाकिस्तान ने बड़ी गलती की
2 min read
Google source verification

image

Mohit Saxena

Sep 23, 2019

imran-khan1

वाशिंगटन। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने खुद अपनेे ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारी ली है। यहां न्यूयॉर्क में सोमवार को काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस में उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान वह अमरीका की ही बुराई कर बैठे। इमरान ने कहा 9/11 आतंकी हमले से पहले जिहादियों को तैयार करने में अमरीका ने ही मदद की थी। इसके बावजूद अमरीका का साथ देकर पाकिस्तान ने बड़ी गलती की। इससे पाक की अर्थव्यवस्था को 200 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ। इसके बावजूद अफगानिस्तान न जीत पाने का ठीकरा भी अमरीका ने हमारे सिर पर फोड़ दिया।

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को इस दौरान कई कठिन सवालों का सामना करना पड़ा। वे आतंकवाद को लेकर अपनी असफलताओं का ठीकरा अमरीका पर ही फोड़ते रहे। अपने सवालों का जवाब देते वक्त वह यह भी भूल गए कि वे खुद अमरीका में ही बैठे हुए हैं।इमरान खान सोमवार शाम पाकिस्तानी अमरीका की काउंसिल ऑफ फॉरेन रिलेशंस के अध्यक्ष रिचर्ड एन हास के साथ बातचीत कर रहे थे। उनसे पूछा गया कि चीन के द्वारा पाकिस्तान को दी जा रही मदद से पाक के कर्ज में बढ़ोतरी नहीं होगी और उसकी संप्रभुता को खतरा नहीं पहुंचेगा? इस सवाल के जवाब में इमरान खान ने जवाब दिया कि हमारे सामने वाकई बेहद खराब परिस्थितियां है। ऐसे में हमारी मदद चीन और सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश कर रहे हैं। वे संप्रभुता के सवाल को टाल गए।

पाकिस्तानी सेना ही तालिबान को प्रशिक्षण देती थी

ओसामा को ऐबटाबाद में पाया गया और वहीं मारा गया। इसकी कोई जांच क्यों नहीं कराई गई? इस सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा कि हमने एक जांच कराई है। ऐसे में वह कहेंगे कि 9/11 से पहले पाकिस्तानी सेना अलकायदा को प्रशिक्षण दिया करती थी। सेना के साथ उसके अच्छे संबंध थे। 9/11 के बाद भी हमारी सेना के रुख में ज्यादा बदलाव नहीं आया था। इमरान से पूछा गया कि क्या पाकिस्तानी पीएम के पास सेना प्रमुख (पाकिस्तानी) और वहां के खुफिया विभाग से कम शक्तियां हासिल हैं। इस सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा, 'लोकतंत्र नैतिक सत्ता की वजह से चलता है। जब नेता अपनी नैतिक सत्ता खो देते हैं तो सेना अपनी शक्ति के साथ उनकी जगह ले लेती है।

इमरान खान ने कहा कि 1980 में सोवियत संघ के वक्त अफगानिस्तान के मसले पर पाकिस्तान ने अमरीका का साथ दिया। सोवियत के खिलाफ जिहाद करने के लिए पाकिस्तानी सेना और ISI ने आतंकियों को प्रशिक्षण दिया। ये बाद में अलकायदा बना।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने यहां जम्मू-कश्मीर के मसले पर भी बात की, उन्होंने कहा कि भारत को जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों को हटाना चाहिए। अमरीका जैसे बड़े देश, संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों को इस मसले में दखल देना चाहिए, ताकि भारत पर दबाव बनाया जा सके।