
वाशिंगटन। अमरीकी धरती पर पहली बार भारत और अमरीका के बीच मंत्रिस्तरीय होगी। वाशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली इस वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath singh) और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर (S Jaishankar) भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करेंगे। उम्मीद है कि यह वार्ता गुणवत्तापूर्ण और असरदार होगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने को लेकर कुछ अहम समझौते होना संभव है। इसमें जनरल सिक्योरिटी ऑफ मिलिट्री इंफर्मेशन एग्रीमेंट (जीएसओएमआईए-आईएसए) करार के अलावा लंबित रक्षा सौदों जैसे एमएच-60 आर हेलिकॉप्टर, एमके-45 गन और अन्य सुरक्षा साजो-सामान की खरीद की भी घोषणा हो सकती है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अमरीकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षामंत्री मार्क एस्पर से भी मुलाकात होगी। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी और अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहमति से दोनों देशों के बीच मंत्रिस्तरीय पहली वार्ता पिछले साल सितंबर में दिल्ली में हुई थी। 18 दिसंबर को होने वाली बातचीत मोदी और ट्रंंप के बीच हुई बैठक के बाद यह वार्ता हो रही है, जिसमें सितंबर में ह्यूस्टन में दोनों नेताओं की विशाल संयुक्त सभा की शामिल है।
भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने बताया कि टू प्लस टू वार्ता भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संस्थागत मेकेनिज्म है, जिसमें विदेश नीति, रक्षा और सामरिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठ कर बातचीत का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति और रक्षा के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच काफी प्रगति हुई है।
मुश्किल आर्थिक हालात से जल्द उबर जाएगा भारत : राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के अनुसार वैश्विक आर्थिक सुस्ती का प्रभाव भारत पर भी पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश जल्द ही इस मुश्किल आर्थिक हालात से उबर जाएगा। मंत्रिस्तरीय वार्ता के लिए सोमवार को यहां पहुंचे रक्षामंत्री महावाणिज्य दूत की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भारतवंशियों को संबोधित करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया।
Updated on:
18 Dec 2019 08:47 am
Published on:
18 Dec 2019 08:46 am
बड़ी खबरें
View Allविश्व की अन्य खबरें
विदेश
ट्रेंडिंग
