
वेनेजुएला संकट पर दो हिस्सों में बंटी दुनिया, हालात पर भारत की पैनी नजर
कराकस। वेनेज़ुएला में राजनीतिक संकट दिन पर दिन गहरा होता जा रहा है। तेल के विशाल भंडार से संपन्न दक्षिण अमरीकी देश वेनेजुएला में मचे राजनीतिक घमासान पर दुनिया दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। इस मुद्दे पर दुनिया के कई देशों के बीच में ध्रुवीकरण तेज हो गया है। एक तरफ जहां अमरीका और कई दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के वर्तमान राष्ट्रपति मादुरो के विरोध में खड़े हो गए हैं तो दूसरी तरफ उनके समर्थन में रूस, चीन और तुर्की जैसे देश आ गए हैं।यूरोपीय संघ ने इस मामले में अब तक सावधानी बरती है और केवल लोकतंत्र की बहाली के लिए स्वतंत्र चुनाव कराने का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से आपसी बातचीत करने की अपील की है। वहीं, भारत ने इस मामले में बेहद सधी हुई टिप्पड़ी की है। वेनेजुएला के हालात पर भारत ने पैनी नजर बनाए रखी है। बता दें कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ पिछले चार दिन से जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 26 लोग जान गवां चुके हैं।
दो फाड़ हुई दुनिया
अमरीका, कनाडा, बेल्जियम, अर्जेंटीना, ग्वाटेमाला जैसे कई देशों ने वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में विपलशी नेता गुएडो को मान्यता दे दी है। अमरीका ने तो वेनेजुएला पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। अमरीका ने तेल निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने के संकेत दिए हैं। चौतरफा विरोध के बाद वर्तमान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ही गुएडो द्वारा खुद को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित करते ही उन्हें मान्यता दे दी थी। बुधवार को ट्रंप ने विपक्षी नेता का समर्थन करते हुए कहा था कि वो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के नए स्पीकर जुआन गुएडो को वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दे रहे हैं। ट्रंप के इस फैसले को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बनाने के कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उधर वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने अमेरिका से राजनयिक संबंध खत्म करने का ऐलान कर दिया है। यही नहीं, मादुरो ने अमरीका में वेनेजुएला का दूतावास बंद कर दिया है। ट्रंप के से नाराज मादुरो ने राजनयिक संबंध तोड़ने की घोषणा की। उन्होंने अमरीकी राजनयिकों को 72 घंटे के अंदर देश छोड़ने का भी अल्टीमेटम भी दिया। उधर अमरीका के विदेश विभाग ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति मादुरो के पास संबंध खत्म करने का अधिकार नहीं है। रूस पश्चिमी देशों और अमरीका की आलोचना करते हुए खुलकर मादुरो के समर्थन में आ गया है। रूस ने वेनेजुएला में किसी भी तरह की सैनिक कार्रवाई पर अमरीका को परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी है। चीन, तुर्की और मैक्सिको ने मादुरो का समर्थन किया है और उन्हें वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति माना दिया है।
हालात पर भारत की पैनी नजर
वेनेजुएला के हालात पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है। भारत ने कहा है कि इस संकट का हल बातचीत के जरिए निकालना चाहिए। जानकारों का मानना है कि दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के वेनेज़ुएला में राजनीतिक और आर्थिक संकट गहरा गया है, जिसने भारत की चिंता बढ़ गई है। भारत वहां के राजनीतिक हालात पर नजर बनाए हुए है। भारतीय विदेश मंत्रालय कहना है कि वेनेजुएला में हालात पर बारीक निगाह रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा है कि इस राजनीतिक विवाद को वेनेजुएला के लोगों द्वारा अपनी सहमति से सुलझाना चाहिए। इसके लिए हिंसा का रास्ता कतई नहीं अपना चाहिए। आपको बता दें कि वेनेजुएला से तेल खरीदने के मामले में भारत अग्रणी देश है। साथ ही भारत ने वेनेजुएला के साथ हाइड्रोकार्बन सेक्टर में एक द्विपक्षीय समझौता भी किया है।
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Published on:
26 Jan 2019 10:58 am
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