3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘बदलूराम का बदन जमीन के नीचे’ मार्चिंग गीत पर भारत-अमरीकी सैनिकों का डांस, युद्ध अभ्यास 2019 का वीडियो आया सामने

5 सितंबर से शुरू हुआ ये अभ्यास 18 सितंबर तक चलेगा 'बदलूराम का बदन जमीन के नीचे है ' असम रेजिमेंट का मार्चिंग गीत

less than 1 minute read
Google source verification
Indian US army

मैककॉर्ड। भारत-अमरीकी सेना इस वक्त युद्ध अभ्यास-2019 में अपना रणकौशल दिखा रही है। संयुक्त बेस लुईस, मैककॉर्ड में किए जा रहे युद्धाभ्यास के दौरान एक बेहद खास वीडियो सामने आया है। दरअसल, अभ्यास के दौरान दोनों देशों की सेनाएं असम रेजिमेंट के मार्चिंग गीत 'बदलूराम का बदन जमीन के नीचे है ' पर जमकर थिरकते नजर आ रहे हैं।

5 सितंबर से शुरू हुआ है अभ्यास

आपको बता दें कि यह युद्ध अभ्यास 5 सितंबर से शुरू हुआ है और 18 सितंबर तक चलेगा। इसमें दोनों सेनाएं साथ मिलकर अपनी युद्धक क्षमताओं को निखार रही है। इसी अभ्यास के दौरान उनका यह वीडियो सामने आया है। बता दें कि इस सैन्य अभ्यास के अंतर्गत कराई जा रहीं विभिन्न प्रकार की गतिविधियों की मदद से एक दूसरे की युद्ध प्रक्रियाओं को और कौशल को समझने में मदद मिलेगी।

बहुत रोचक है बदलूराम गीत की कहानी

अभ्यास के दौरान जिस गाने पर सेना नाचते नजर आ रही है वो असम रेजीमेंट के राइफलमैन बदलूराम को समर्पित है। इस गाने से जुड़ा एक बेहद रोचक किस्सा है। दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध में लड़ाई लड़ते हुए राइफलमैन बदलूराम शहीद हो गए थे। लेकिन लोग गलती से उनका नाम हटाना भूल गए। इस कारण युद्घ में वितरित राशन उनके नाम से भी आता रहा।

फिर एक वक्त ऐसा आया जब युद्ध के दौरान जापानी सेना ने भारतीय सेना की राशन सप्लाई काट दी। उस समय सेना का राशन खत्म हो गया था। इस कठिन समय में सेना ने रिजर्व में मौजूद शहीद बदलूराम के अतिरिक्त राशन से काम चलाया था। इसके बाद जब सेना युद्ध जीती तो पलटन ने उन्हें धन्यवाद करते हुए यह गीत समर्पित किया था। आज यह हर किसी के जुबान पर सुनाई देता है।