मलाला बनी 'सदी की सबसे प्रसिद्ध किशोरी', कभी सबसे कम उम्र में जीता था नोबेल पुरस्कार

  • संयुक्त राष्ट्र ( United Nations ) ने पाकिस्तानी शिक्षा कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ( Malala Yousafzai ) को दिया सम्मान
  • 'टीन वोग' के कवर पेज के लिए भी चुनी गई मलाला

इस्लामाबाद। साल के आखिरी हफ्ते में इस दशक के खास अवार्ड्स और सम्मान की घोषणा हो रही है। इनमें फिल्म जगत, क्रिकेट और वैश्विक स्तर के अन्य अवार्ड शामिल हैं। इसी कड़ी में संयुक्त राष्ट्र ( United Nations ) ने पाकिस्तानी शिक्षा कार्यकर्ता और नोबल पुरस्कार ( nobel award ) विजेता मलाला यूसुफजई ( malala yousafzai ) 'विश्व की सबसे प्रसिद्ध किशोरी' घोषित किया है।

'डिकेड इन रिव्यू' रिपोर्ट में खुलासा

संयुक्त राष्ट्र ने यह ऐलान 'डिकेड इन रिव्यू' रिपोर्ट में किया है। द न्यूज इंटरनेशनल की गुरुवार को रिपोर्ट के अनुसार, अपने रिव्यू सीरीज (साल 2010 से 2013 भाग) में संयुक्त राष्ट्र ने साल 2010 में आए हैती के भूकंप, 2011 में सीरिया में संघर्ष की शुरुआत और लड़कियों की शिक्षा के लिए किए गए मलाला के काम को भी हाईलाइट किया है।

नेहरू ही नहीं मलाला पर भी पायल रोहतगी ने कहीं थीं भड़काऊ बातें, ये हैं उनके 10 विवादित बयान

'टीन वोग' के कवर पेज के लिए भी चुनी गई थी मलाला

इस रिव्यू रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने लिखा है, 'इस हमले का असर दुनियाभर में हुआ था और व्यापक तौर पर इसकी निंदा की गई थी। हर लड़की को स्कूल जाने का अधिकार दिलाने के लिए और लड़कियों के एडवांस शिक्षा को प्राथमिकता देने के प्रयासों को देखते हुए मानव अधिकार दिवस पर यूनेस्को ( UNESCO )के पेरिस स्थित मुख्यालय में मलाला को खास सम्मान दिया गया था।' गौरतलब है कि हाल ही में दशक के आखिरी मुद्दे पर आधारित पुस्तिका 'टीन वोग' के कवर पेज के लिए भी 22 वर्षीय मलाला को चुना गया था।

Show More
Shweta Singh Content
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned