मुंबई की 23 वर्षीय आरोही पंडित ने रचा इतिहास, LSA में अटलांटिक पार करने वाली दुनिया की पहली महिला पायलट बनीं

मुंबई की 23 वर्षीय आरोही पंडित ने रचा इतिहास, LSA में अटलांटिक पार करने वाली दुनिया की पहली महिला पायलट बनीं

Anil Kumar | Publish: May, 15 2019 02:05:52 AM (IST) | Updated: May, 15 2019 02:07:43 PM (IST) विश्‍व की अन्‍य खबरें

  • आरोही पंडित लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट (LSA) में अटलांटिक महासागर को पार करने वाली पहली महिला हैं।
  • लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट का वजन एक बुलेट बाइक से भी हल्का है।
  • 3000 किलोमीटर लंबी उडान भरने के बाद आरोही ने हासिल की यह उपलब्धि।

मुंबई। किसी ने लिखा है 'मंजिलें उन्ही को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उडान होती है'। यदि मन में चाहत हो और कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो आसमान के उस पार भी जाकर मंजिलें हासिल की जा सकती है। कुछ ऐसा ही कारनामा मुंबई की रहने वाली एक 23 वर्षीय लड़की ने कर दिखाया है। दरअसल, मुंबई की पायलट कैप्टन आरोही पंडित ( Aarohi Pandit ) ने मंगलवार को अकेले सबको हैरान करते हुए लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट ( LSA ) में अटलांटिक महासागर को पार कर इतिहास रच दिया। आरोही ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला पायलट बन गई हैं। आरोही ने यह उपलब्धि सोमवार-मंगलवार (13-14 मई) की मध्य रात्रि को जब 3,000 किमी लंबी उड़ान के बाद कनाडा ( canada ) के इकालुइट हवाई अड्डे पर उतरने के साथ ही हासिल की। इससे पहले वह खराब और प्रतिकुल मौसम के कारण थोड़ी देर के लिए स्कॉटलैंड ( युनाइटेड किंगडम ) और फिर ग्रीनलैंड व आइसलैंड में विमान को उतारा था। कनाडा में भारतीय राजदूत विकास स्वरूप ( vikash swaroop ) ने आरोही पंडित को भारतीय ध्वज तिरंगा भेंट किया।

 

कैप्टन आरोही पंडित

बीते साल कई देशों के लिए भरी थी उड़ान

बता दें कि जिस विमान से आरोही ने उड़ान भरी उसका नाम 'माही’ है। माही एक छोटे सिंगल इंजन वाला साइनस 912 प्लेन है जिसका वजन बुलेट बाइक से भी कम है। माही को पिपिस्ट्रेल स्लोवेनिया ( Pipistrel Slovenia ) ने बनाया है और यह भारतीय नागर विमानन महानिदेशालय ( dgca ) की ओर से पंजीकृत पहला लाइट स्पोर्ट्स एयरक्राफ्ट (LSA) है। आरोही ने बीते साल 30 जुलाई को इस अभियान की शुरूआत अपने सहयोगी पायलट और बेस्ट फ्रेंड कीथिर मिसक्विता ( Keithair Misquitta ) के साथ मिलकर की थी। उस दौरान दोनों ने माही के साथ पहले भारत के पंजाब, राजस्थान, गुजरात और फिर पाकिस्तान , ईरान , तुर्की , सर्बिया, स्लोवेनिया, जर्मनी , फ्रांस और युनाइटेड किंगडम ( United Kingdom ) में उडान भरी। इसके बाद अब आरोही ने विमान के छोटे से कॉकपिट में जीवन बेड़ा, ऑक्सीजन प्रणाली और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ अकेले उडान भरकर इतिहास रच दिया है।

कैप्टन आरोही पंडित

अटलांटिक महासागर के ऊपर उड़ना एक शानदार अनुभव: आरोही

आरोही पंडित ने यह उपलब्धि हासिल करने के बाद कहा 'मैं बहुत सम्मानित महसूस करती हूं और आभारी हूं कि मैं अपने देश वह हर महिला के लिए ऐसा कर सकी। अटलांटिक महासागर के उपर उड़ान भरना एक शानदार अनुभव है। वहां पर सिर्फ आप और आपका छोटा सा विमान है, उपर हल्का नीला आसमान और नीचे गहरे नीले रंग का समुद्र या चमकता सफेद बर्फ है।’ उन्होंने आगे कहा कि कुछ जगहों पर थोड़ी दिक्कतें थी लेकिन समुद्र और द्वीपों की खुबसूरती शानदार थी। मैं यह सब एक बार फिर दिल से करना चाहूंगी।

 

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