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कोरोना के खिलाफ जंग में New Zealand बना सबसे बड़ा उदाहरण, नियमों के साथ आम जिंदगी पटरी पर लौटी

Highlights मार्च के अंत में सौ मामले सामने आते ही करीब 50 लाख की जनसंख्या वाले न्यूजीलैंड (New Zealand) ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) का सख्ती से पालन किया। यहां पर विदेशी नागरिकों की एंट्री 20 मार्च से ही बैन हो चुकी है, यहां बाहर से आने वाले स्वदेशी नागरिकों को भी क्वारंटाइन (Quarantine) किया जाता है।
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नई दिल्ली

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Mohit Saxena

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Updated: 24 May 2020, 9:46 AM IST

newzeland corona case

न्यूजीलैंड में सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन हुआ है।

वेलिंगटन। कोरोना वायरस (Coronavirus) ने बीते दो महीनों में पूरी दुनिया में जमकर उत्पात मचाया है। अमूमन कोई भी देश इससे अछूता नहीं रहा है। इसने अब तक लाखों की जिंदगियां छीन ली हैं। मगर इस संक्रमण से कुछ देशों ने तगड़ी लड़ाई लड़ी और अंत में विजय भी हासिल की है।

इसका ताजा उदाहरण न्यूजीलैंड (New Zealand) है, जिसने अपने यहां बढ़ रहे संक्रमण पर काबू पाने के साथ लोगों को लॉकडाउन की बंदिशों से भी मुक्त करा लिया। न्यूजीलैंड ने अपने लक्ष्य को निर्धारित कर कोरोना वायरस को हराने का प्रयास किया और वह इसमें सफल हुए। ऑकलैंड विश्वविद्यालय के वैक्सीन विशेषज्ञ हेलेन पेटूसिस-हैरिस के अनुसार कोरोना को हराने के लिए उसका ट्रांसमिशन रोकना जरूरी है। इससे संक्रमण अपने आप दम तोड़ देता है। ऐसा ही कुछ न्यूजीलैंंड ने किया है।

50 लाख की जनसंख्या वाला देश

करीब 50 लाख की जनसंख्या वाले इस देश का क्षेत्रफल ब्रिटेन (Britain) के बराबर है। कम जन्यसंख्या के कारण यहां सोशल डिस्टेंसिंग का आसानी से पालन हो सका। इसके अलावा यहां की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न (PM Jacinda Ardern) के फैसलों के सामने कोरोना को घुटने टेकने पड़े। यहां पर मार्च के अंत में केवल 100 मामले सामने आए थे। मगर सरकार ने सतर्कता दिखाई और लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया। इस समय न्यूजीलैंड में 1,504 संक्रमण के मामले हैं। इन में 1,455 मामले ठीक हो चुके हैं। वहीं संक्रमण से सिर्फ 21 मौतें हुई हैं।

अर्डर्न ने कोरोना से लड़ने में काफी सक्रियता दिखाई

यहां पर बीते कई दिनों से संक्रमण के नए मामले सामने नहीं आए हैं। यहां की पीएम अर्डर्न ने कोरोना से लड़ने के लिए काफी सक्रियता दिखाई है। उन्हें प्रत्येक मौत पर व्यक्तिगत रूप से जानकारी दी गई है। अर्डर्न का कहना है कि यहां पर विदेशी नागरिकों की एंट्री 20 मार्च से ही बैन हो चुकी है। अगर कोई नागरिक बाहरी देश से आता है तो उसे क्वारंटाइन किया जाता है।

ऐसा करने से बहुत हद तक बीमारी पर काबू पाया जा सका है। यहां पर कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं। इसके बावजूद यहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। लोगों ने कोरोना से बचने के लिए सभी नियमों पालन किया है।

पीएम अर्डर्न ने 11 मई को ऐलान किया था कि कोरोना के लॉकडाउन को खोला जाएगा। इसके तीन दिन बाद यहां पर सभी शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, सिनेमा और खेल के मैदान फिर से खुल गए। इस दौरान 39 वर्षीय नेता ने लोगों को चेताया है कि उन्हें अभी भी सचेत रहने की आवश्यता है। कोरोना कभी भी वापस आ सकता है।