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जाको राखे साइयांः नवजात बच्ची के डायपर में था जहरीला बिच्छू, 7 बार काटा लेकिन फिर भी बच गई जान

जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। ब्राजील में एक केवल तीन दिन की नवजात बच्ची को एक बेहद जहरीले पीले बिच्छू ने सात बार डंक मारा, लेकिन फिर भी वो जिंदा बच गई।

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Scorpio stung new born baby

जाको राखे साइयांः नवजात बच्ची के डायपर में था जहरीला बिच्छू, 7 बार काटा लेकिन फिर भी बच गई जान

ब्राजील। जाको राखे साइयां, मार सके न कोय। एक चौंकाने वाले मामले यह पंक्तियां फिर से सही साबित हुई। ब्राजील में एक केवल तीन दिन की नवजात बच्ची को एक बेहद जहरीले पीले बिच्छू ने सात बार डंक मारा, लेकिन फिर भी वो जिंदा बच गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर-पश्चिम ब्राजील में बाहिया स्थित घर में सोफिया फरेरा की मां ने अपनी नवजात बिटिया को नहलाकर उसे नया डायपर पहनाया और बेटी ने तुरंत ही बेहोशी की हालत में आ गई और मुंह से झाग निकलने लगा। अस्पताल ले जाने पर कर्मचारियों को यह जहरीला बिच्छू मारिया सोफिया फरेरा नामक इस बच्ची के डायपर में मिला, जो बच्ची की गर्भ नाल से चिपका हुआ था। इस बिच्छू ने बच्ची को सात बार डंक मारा था।

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अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक यह बच्ची केवल इसलिए ही बचाई जा सकी क्योंकि उसे दो घंटे के वक्त के भीतर ही एंटीडोट के कई डोज दे दिए गए। बच्ची की मां फर्नांडा फरेरा (25) ने कहा कि बच्ची को नहलाने के 10 मिनट बाद ही जैसे उन्होंने डायपर बदला, बच्ची बिल्कुल अपाहिज जैसी हो गई और मुंह से झाग छोड़ने लगी।

उसकी मां के मुताबिक इस घटना के बाद सोफिया बहुत कमजोर हो गई। उसे इलाज कराने और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। उन्हें नहीं पता था कि उसके डायपर के भीतर एक बिच्छू था जिसने उसे सात बार डंक मारा। इसके बाद बच्ची को तुरंत लेकर विटोरिया डा कॉन्क्विस्टा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे एंटी-कॉर्टिकोस्टेरॉयड सीरम के छह डोज दिए गए।

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बच्ची का इलाज करने वाली डॉक्टर कैमिला मिरांटे ने घटना की भयावहता के बारे में बताते हुए कहा कि आठ पैरों वाला यह खतरनाक बिच्छू सोफिया की गर्भ नाल से चिपका हुआ था और जिंदा था। उन्होंने कहा, "जब मैने सोफिया का डायपर खोला और वहां पर जहरीले बिच्छू को देखा तो मैं बहुत डर गया था। मुझे इस बात की भी चिंता थी कि कहीं यह मेरे ऊपर न आ जाए, इसलिए मैं दौड़कर सिक्योरिटी गार्ड के पास पहुंचा और उससे इस बिच्छू को हटाने की मदद मांगी।"

इसके बाद बच्ची ने अस्पताल के एनएनआईसीयू में तीन दिन बिताए और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और तीन सप्ताह की हो गई है।

गौरतलब है कि ब्राजील में पाया जाने वाला पीला बिच्छू बेहद जहरीला और जानलेवा होता है और दक्षिण अमरीकी देशों में इसकी वजह से वर्ष 2017 में 184 लोगों की जान चली गई। वहीं, ब्राजील के राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बाहिया इलाके में इस वर्ष 15 हजार 82 लोगों को बिच्छू काट चुका है।