22 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उत्तर कोरिया ने बिना कारण बताए जापानी पर्यटक को देश से बाहर निकाला

यह पर्यटक उत्तर कोरिया घूमने आया था, पेशे से ये एक वीडियोग्राफर है

2 min read
Google source verification

image

Mohit Saxena

Aug 27, 2018

flag

उत्तर कोरिया ने जापानी पर्यटक को देश से बाहर निकाला

टोक्यो। उत्तर कोरिया ने हिरासत में लिए गए एक जापानी पर्यटक को देश से निष्कासित कर दिया है। यहां की मीडिया ने यह जानकारी दी। रविवार को तोमोयुकी सुगीमोतो को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। हालांकि,एजेंसी ने यह नहीं बताया कि उसने क्या अपराध किया है। बताया जा रहा है कि उस पर जासूसी का आरोप लगाया गया है, मगर अभी यह साबित नहीं हो सका है।

देश से निष्कासित करने का फैसला

स्थानीय मीडिया के अनुसार अधिकारियों ने मानवता के सिद्धांत पर नरमी बरतते हुए उसे छोड़ने और देश से निष्कासित करने का फैसला किया है। सुगीमोतो को एक पर्यटक बताया जा रहा है,जो उत्तर कोरिया घूमने गया था। गौरतलब है कि जापान सरकार ने दो सप्ताह पहले पुष्टि की थी कि वह उन रिपोर्टों की जांच कर रही है कि उसके एक नागरिक को हिरासत में लिया गया है। जापान की न्यूज एजेंसी ने एक सरकारी सूत्र के हवाले से बताया कि ये व्यक्ति एक वीडियोग्राफर है। गौरतलब हैं कि जापान और उत्तर कोरिया के बीच संबंधों में हमेशा से तल्खी देखने को मिली है। इसका कारण दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी को कहा जाता है।

कभी जापान ने कोरिया को बनाया था गुलाम

द्वितीय विश्व युद्ध से पहले पूरे कोरिया पर जापान का एक छत्र राज था। इस दौरान जापान सबसे बड़ी विश्व शक्ति थी। 1939 में जब द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ा तो जापान के हाथ से कोरिया निकल गया। यह उत्तर और दक्षिण कोरिया में बंट गया। उत्तर कोरिया पर सोवियत संघ और दक्षिण कोरिया पर अमरीका का प्रभुत्व था। मगर युद्ध चीन के उतर जाने से उत्तर कोरिया पर अमरीका की पकड़ कमजोर हो गई और यहां पर चीन का अधिकार अधिक हो गया। चीन कम्यूनिस्ट विचारधारा है,ऐसे में उत्तर कोरिया में तानाशाही ने जन्म लिया। चीन की वजह से उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा दुश्मन जापान हो गया।