
नार्वे के पास समुद्र में दिखी वाइट व्हेल, सुरक्षा एजेसियों को रूसी जासूस होने का शक
ओस्लो। नार्वे के मछली पकड़ने वाले गांव इंगा के पास पानी में मछुआरों ने बीते सप्ताह एक अजीब बेलुगा ह्वेल को देखा। वह मछली पकड़ने वाली नौका में सवारी कर रहे थे। इस दौरान व्हेल ने नौका को परेशान करना शुरू कर दिया था। लोगों ने उस व्हेल का एक वीडियो तैयार किया है। बेलुगा ह्वेल ने बार-बार नार्वे की नौकाओं से संपर्क किया। इस दौरान लोगों ने पाया कि ह्वेल के गले में एक पट्टा बंधा हुआ है, ऐसा प्रतीत हो रहा था कि इसमें कैमरा लगा हुआ है।
आकार सिर्फ 20 फीट तक का
प्रोफेसर ऑडुन रिकडसन के अनुसार व्हेल के पंखों, सिर को वास्तव में कुछ क्लिप थे। उन्होंने कहा कि यह कोई प्रयोग नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह रूस द्वारा प्रशिक्षित हो सकती हैं। गौरतलब है कि वेलुगा व्हेल जिन्हें आम बोलचाल की भाषा में सफेद वेल कहा जाता है अपनी प्रजाति का सबसे छोटा वेल है। इनका आकार सिर्फ 20 फीट तक का होता है। आर्कटिन सागर के पानी में ही आम तौर पर इसे पाया जाता है। प्रफेसर ने बताया कि वह जानते हैं कि रूस के पास कई घरेलू व्हेल संरक्षित हैं और ऐसा संभव है कि उन्हीं में से कुछ को बाहर निकाला गया हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बहुत संभव है कि व्हेल के गले में मौजूद पट्टा रूस के शोधार्थियों का नहीं होगा। संभव है कि यह रूस की नौसेना के काम का नतीजा हो।
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Updated on:
30 Apr 2019 04:22 pm
Published on:
30 Apr 2019 01:06 pm
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