28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुनिया के इस देश में एक लीटर दूध की कीमत 80 हजार, 3 लाख में मिला रहा एक किलो मीट

कोलंबिया ने दावा किया है कि पिछले कुछ ही दिनों में 10 लााख से अधिक लोग वेनेजुएला छोड़कर उसके यहां शरण ले चुके हैं।

2 min read
Google source verification

image

Mohit sharma

Feb 17, 2018

Venezuela Economic Crisis,Venezuelan leader Nicolás Maduro,Peruvian President Pedro Pablo Kuczynski,Socialists United of Venezuela,India and Venezuela Relation,World Politics,india crude oil price,Venezuela economic,Violent clashes in Venezuela,crude oil prices,

नई दिल्ली। दुनिया के मुल्क में महंगाई इस कदर हावी हो गई है, कि देश की अर्थ व्यवस्था ही चौपट हो गई है। यहां बात कर रहे हैं दुनिया के विशाल तेल भंडारों में शुमार वेनेजुएला की। यहां महंगाई इस हद तक बढ़ गई है कि यहां के लोग निकटवर्ती कोलंबिया में शरण लेने को मजबूर हैं। वहीं कोलंबिया ने इस संकट से निजात पाने के लिए दुनिया के अन्य मुल्कों से मदद की गुहार लगाई है। इसके साथ ही आर्थिक संकट को लेकर दोनों देश आमने-सामने आ गए हैं।

एक ब्रेड की कीमत कई हजार

यहां कोलंबिया ने दावा किया है कि पिछले कुछ ही दिनों में 10 लााख से अधिक लोग वेनेजुएला छोड़कर उसके यहां शरण ले चुके हैं। जिससे कोलंबिया में खाद्य पदार्थ और आवश्यक वस्तुओं का भारी अभाव हो गया है। जिसका परिणाम यह है कि दवाओं की कमी के चलते डॉक्‍टर अपने मरीजों को अन्य देशों में इलाज कराने की सलाह दे रहे हैं। आर्थिक संकट ने वेनेजुएला में खतरनाक हालात पैदा कर दिए हैं। असल में वेनेजुएला में यह अस्थिरिता पिछले दो सालों से चली आ रही है। हालत यह है कि मुद्रा में आई भारी गिरावट के चलते यहां एक लीटर दूध तक के दाम 80 हजार रुपए से अधिक पहुंच गए हैं। यह करेंसी वैल्यू कम होने का नतीजा है कि वेनेजुएला में एक ब्रेड का मूल्य भी हजारों में पहुंच गया हैं।

3 लाख रुपए में एक किलो मीट

यहां एक किलों मीट का मूल्य 3 लाख रुपयों से अधिक है। जिसके चलते यहां खाने—पीने और रोजमर्रा की चीजे आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। जबकि वेनेजुएला की सरकार का इस पर कोई बस नहीं चल पा रहा है। दरअसल, इस संकट का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। हालांकि वेनेजुएला में इस समस्या के पीछे सरकार की कुछ नीतियों को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

ये भी पढ़ें

image