नई दिल्ली। दुनिया में बहुत से ड्रग माफिया हुए जिन्होंने इस धंधे को अपनाकर सबसे अमीर आदमियों की लिस्ट में नाम दर्ज कराने में सफलता पाई। ऐसा ही एक ड्रग माफिया हुआ पाब्लो एस्कोबार। जिसे इतिहास का सबसे खूंखार ड्रग माफिया भी माना जाता है। एक तरफ खूंखार ड्रग माफिया तो दूसरी तरफ रॉबिन हुड की छवि थी पाब्लो एस्कोबार की। एस्कोबार 20 साल पहले 1993 में एक इनकाउंटर में मारा गया। कोलंबिया में कोकीन का कारोबारी रहा पाब्लो के बारे में कहा जाता है कि उसके खरबों रुपए हर साल चूहे खा जाते थे।
पाब्लो के बारे में कहा जाता है कि एक बार उसने कोलंबिया की प्रत्यर्पण संधि
को बदलने के लिए सरकार से कहा था, इसके बदले उसने देश का सारा कर्ज चुका देने का वादा किया था। इसके लिए उसकी शर्त थी कि कानून में बदलाव कर दिया जाए लेकिन उसका यह प्लान फेल हो गया और सरकार ने कानून में बदलाव करने से मना कर दिया।
पाब्लो के भाई रॉबर्टो एस्कोबार की किताब 'द एकाउंट्स स्टोरी' के मुताबिक, वो कई बार एक दिन में 15 टन कोकीन की तस्करी करता था। 1989 में फोर्ब्स पत्रिका ने एस्कोबार को दुनिया का 7वां सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया था। उसकी अनुमानित निजी संपत्ति 30 बिलियन डॉलर यानी 16 खरब रुपए थी। उसके पास कई लग्जरी मकान और गाड़ियां थीं। इस खजाने को कई लोगों ने तलाशने की कोशिश की, लेकिन अब तक नहीं मिल सका।
पाब्लो के भाई रॉबर्टो के मुताबिक, जिस वक्त पाब्लो का सालाना मुनाफा 1,26,988 करोड़ रुपए था, उस वक्त उसके गोदाम में रखी इस रकम का 10 फीसदी हिस्सा तो चूहे खा जाते थे या फिर पानी और अन्य वजहों से ये खराब हो जाता था। रॉबर्टो के मुताबिक, वो 2,500 डॉलर हर महीने नोट की गड्डियां बांधने के लिए रबर बैंड पर खर्च कर देता था।
वह कोलंबियाई सरकारों और अमरीका का एक बड़ा दुश्मन था। इसके बावजूद उसे मेडेलिन में गरीबों का मसीहा माना जाता था। पाब्लो ने कई चर्च का भी निर्माण कराया, जिसने उसे स्थानीय रोमन कैथोलिक समाज में काफी लोकप्रियता दिलाई। उसने अपनी रॉबिन हुड छवि बनाने के लिए बहुत मेहनत की। 1976 में 26 वर्ष की उम्र में पाब्लो ने 15 साल की मारिया विक्टोरिया से शादी की। उनके दो बच्चे जुआन पाब्लो और मैनुएला थे।
राष्ट्रपति पद के एक उम्मीदवार लुइस कार्लोस गैलान की हत्या के बाद सरकार पाब्लो और ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ हो गई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन पाब्लो वहां से भाग निकला।

लेकिन 2 दिसंबर, 1993 को पाब्लो और उसके बॉडीगार्ड एल्वारो डी जीसस एगुदेलो को कोलंबियाई राष्ट्रीय पुलिस ने गोली मार दी। इस तरह से दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया का खात्मा हुआ।