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जम्मू-कश्मीर में पनबिजली प्रोजेक्ट के उद्धाटन पर भड़का पाकिस्तान

1960 के सिंधु जल समझौते के उल्लंघन का मुद्दा विश्व बैंक के सामने उठाएगा पाक।

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Mohit Saxena

May 21, 2018

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इस्लामाबाद। जम्मू कश्मीर में 330 मेगावॉट वाले किशनगंगा पनबिजली प्रॉजेक्ट के उद्धाटन पर पाकिस्तान ने कड़ा ऐतराज जताया है। पाक ने बताया कि वह 1960 के सिंधु जल समझौते के उल्लंघन का मुद्दा विश्व बैंक के सामने उठाएगा। इसके लिए उसने अपना 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन रवाना कर दिया है। गौरतलब है कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में इस प्रॉजेक्ट का उद्घाटन किया था।

समझौते का उल्लंघन करते हैं

पाकिस्तान सिंधु नदी में भारत के कई प्रॉजेक्ट्स का विरोध करता रहा है। उसका कहना है कि भारत वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुए सिंधु जल समझौते का उल्लंघन करता है। विश्व बैंक ने सिंधु और उसकी सहायक नदियों के पानी का बंटवारा करने के लिए यह समझौता करवाया था। अब सिंधु नदी पर पाकिस्तान की 80 प्रतिशत सिंचित कृषि निर्भर करती है। वहीं भारत का दावा है कि सिंधु नदी समझौते के तहत उसे पनबिजली परियोजना का अधिकार है और इससे नदी के बहाव में या फिर जलस्तर में कोई बदलाव नहीं आएगा।

विश्व बैंक के अधिकारियों से बात करेगा पाक

वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत के दौरान अमरीका में पाकिस्तानी उच्चायुक्त ऐजाज अहमद चौधरी ने कहा कि अटॉर्नी जनरल अश्तर ऑसफ अली के नेतृत्व में एक 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विश्व बैंक के अधिकारियों से बात करेगा। इसमें नीलम नदी पर बने किशनगंगा के बांध का निर्माण मुख्य चर्चा में होगा। उन्होंने का कि यह भारत द्वारा सिंधु जल समझौते का उल्लंघन है। चौधरी ने कहा कि वर्ल्ड बैंक इस अंतरराष्ट्रीय समझौते का साक्षी था और इसलिए, इस मामले में उसे अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बांध पाकिस्तान की तरफ आ रहे पानी पर बना है जिससे पानी की आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे पाक की कृषि व्यवस्था चरमरा सकती है।

2007 में पहली बार पनबिजली पर किया काम

भारत इस विवादित क्षेत्र में कई प्रॉजेक्ट्स चलाने की योजना बना रहा है। साल 2007 में पहली बार किशनगंगा पनबिजली परियोजना पर काम शुरू किया था। इसके तीन साल बाद ही पाकिस्तान ने यह मामला हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उठाया, जहां तीन साल के लिए इस परियोजना पर रोक लगा दी गई। साल 2013 में, कोर्ट ने फैसला दिया कि किशनगंगा प्रॉजेक्ट सिंधु जल समझौते के अनुरूप है और भारत ऊर्जा उत्पादन के लिए इसके पानी को डाइवर्ट कर सकता है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने नीलम नदी पर अपने प्रॉजेक्ट्स शुरू कर दिए और पिछले माह,प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने नीलम-झेलम पनबिजली परियोजना की पहली इकाई का उद्घाटन किया था।