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कोविशील्ड का टीका लगाने वालों को फ्रांस में मिलेगी एंट्री, पहले लगा था बैन

फ्रांस ने भारत में उत्पादित कोविड वैक्सीन कोविशील्ड (एस्ट्राजेनेका) का टीका लगाने वालों को देश में प्रवेश की अनुमति दे दी है। इससे पहले तक इस पर बैन लगा था। फ्रांस सरकार का यह आदेश रविवार से प्रभावी होगा।

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People Vaccinated With Astrazeneca Covishield Can Visit France

पेरिस। वैश्विक स्तर पर भारत में निर्मित कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) की मान्यता को लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। लेकिन अब भारत में निर्मित वैक्सीन की प्रभावकारिता को देखते हुए कई देशों ने मान्यता दी है। अब भारत के लिए एक ओर बड़ी खबर सामने आई है।

दरअसल, फ्रांस ने भारत में उत्पादित कोविड वैक्सीन कोविशील्ड (एस्ट्राजेनेका) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। फ्रांस सरकार ने कोविशील्ड का टीका लगाने वालों को देश में प्रवेश की अनुमति दे दी है। इससे पहले तक इस पर बैन लगा था। फ्रांस सरकार का यह आदेश रविवार से प्रभावी होगा।

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जानकारी के मुताबिक, फ्रांस ने भारत में उत्पादित कोविड-19 के टीके एस्ट्राजेनेका की खुराक लेने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को देश में आने की इजाजत दे दी है। बता दें कि भारत में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को कोविशील्ड के नाम से जाना जाता है। फ्रांस के प्रधानमंत्री जीन कास्टेक्स (Jean Castex) की ओर से शनिवार को एक बयाना जारी किया गया, जिसके मुताबिक फ्रांस ने कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को रोकने और अस्पतालों को दबाव से बचाने के लिए सीमा पर जांच और कड़ी कर दी है।

कई यूरोपीय देशों में कोविशील्ड को मिल चुकी है अनुमति

जानकारी के मुताबिक, इससे पहले भारत में निर्मित कोविशील्ड का टीका लगाने वालों को यूरोपीय देशों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। यूरोपीय संघ ने सिर्फ यूरोप में उत्पादित कोविशील्ड का टीका लगाने वालों को यूरोपीय देशों में प्रवेश की इजाजत दी थी, जिसको लेकर काफी आलोचना हुई। इसके बाद अब फ्रांस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए भारत के सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा उत्पादित एस्ट्राजेनेका टीका लगवाने वालों को देश में आने की अनुमति दे दी है।

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मालूम हो कि की यूरोपीय देश फ्रांस से पहले भारत में निर्मित एस्ट्राजेनेका टीके को मान्यता दे चुके हैं। बड़े पैमाने पर ब्रिटेन और अफ्रीका में कोविशील्ड का इस्तेमाल हो रहा है। बता दें कि फ्रांस ने अबतक चीन या रूसी टीकों को मान्यता नहीं दी है। यूरोपीय संघ के औषधि नियामक ने अबतक फाइजर/बायोएनटेक, मॉडर्ना, जॉनसन ऐंड जॉनसन और एस्ट्राजेनेका के टीके को मान्यता दी है।

अब तक 40 देशों ने इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए दी कोविशील्ड को मंजूरी

बता दें कि फ्रांस से पहले भारत सरकार के हस्तक्षेप के बाद यूरोप के 9 देशों ने सीरम की कोविशील्ड वैक्सीन को मान्यता दी थी। वहीं, दुनियाभर के 40 देशों ने इंटरनेशनल ट्रैवल के लिए कोविशील्ड को मंजूरी दी है। जिन देशों ने मंजूरी दी है उनमें..

जर्मनी, स्लोवेनिया, ऑस्ट्रिया, यूनान, आयरलैंड, एस्टोनिया, स्पेन, आइसलैंड, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, अफगानिस्तान, अंतिगुया और बार्बूडा, अर्जेंटीना, बहरीन, बांग्लादेश, बारबाडोस, भूटान, बोलीविया (बहुसंख्यक राज्य), बोत्सवाना, ब्राजील, काबो वर्दे, कनाडा, कोटे डी आइवर, डोमिनिका, मिस्र, इथियोपिया, घाना, ग्रेनेडा, हंगरी, जमैका, लेबनान, मालदीव, मोरक्को, नामीबिया, नेपाल, नाइजीरिया, संत किट्ट्स और नेविस, सेंट लूसिया, संत विंसेंट अँड थे ग्रेनडीनेस, सेशेल्स, सोलोमन इस्लैंडस, सोमालिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, सूरीनाम, बहामा, टोंगा, त्रिनिदाद और टोबैगो, यूक्रेन शामिल है। बता दें कि भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड वैक्सीन 'कोविशील्ड' को बना रही है।