9 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लंदन में बोले प्रधानमंत्री, ये मोदी है जो पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना जानता है

लंदन में पीएम ने आतंक के जरिए देश को कमजोर करने वाली ताकतों को आगाह किया कि भारत अब हर भाषा में दुश्मनों को जवाब देना के लिए तैयार रहता है।

2 min read
Google source verification
pm modi

नई दिल्‍ली। लंदन के सेंट्रल हॉल वेस्टमिंस्टर में 'भारत की बात, सबके साथ' प्रोग्राम में बोलते हुए पीएम मोदी ने विश्‍व समुदाय को साफ कर दिया है कि आतंक का निर्यात करने और पीछे से हमला करने वालों को अब भारत उसी की भाषा में जवाब देना जानता है। उन्‍होंने कहा है कि आतंक को और बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। उन्‍होंने पाक का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि उसमें युद्ध लड़ने की ताकत नहीं है। इसलिए वो हमेशा पीछे से वार करता है। हमने 2016 में पाक के आतंकी कार्रवाई का जवाब नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल से दिया। साथ ही कहा कि भारत अब हमेशा सर्जिकल स्‍ट्राइक के लिए तैयार रहता है।

सर्जिकल स्‍ट्राइक की जानकारी पहले पाकिस्‍तान को दी
उन्‍होंने कहा कि सीमापार सर्जिकल स्‍ट्राइक करने के बाद भारत चुप नहीं रहा। हमने अपनी सेना से साफ कह दिया था कि इसकी जानकारी आप पाकिस्‍तान को दे दें कि हमने उनके जवानों को मार दिया है। उनके पास समय है तो उसका शव उठा लें। उन्‍होंने कहा कि हमारे सैनिकों ने पाकिस्‍तान को सुबह 11 बजे से फोन करना शुरू कर दिया था। लेकिन वे लोग फोन उठा नहीं रहे थे। 12 बजे के बाद उन्‍होंने फोन उठाया तो भारतीय सैनिकों उन्‍हें सर्जिकल स्‍ट्राइक की पूरी जानकारी दी। इस बीच हमने मीडिया वालों को बुला लिया था। वो सवाल कर रहे थे कि कुछ बता क्‍यों नहीं रहे हैं। लेकिन हमने पहले इसकी जानकारी पाकिस्‍तान को दी और उसके बाद मीडिया को सर्जिकल स्‍ट्राइक की जानकारी दी।

भारत शांति में यकीन रखने वाला राष्‍ट्र
कार्यक्रम के दौरान दर्शक दीर्घा में बैठे एक शख्स ने जब सर्जिकल हमलों पर सवाल किया तो मोदी ने कहा कि जिन्हें आतंक का निर्यात पसंद है, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत बदल गया है। उनके पुराने तौर-तरीके बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। हमारा देश लोकातंत्रिक देश है और हम शांति में यकीन रखते हैं। हमारी शांति और सहिष्‍णुता की नीति को लोगों ने कायरता समझ लिया। उन्‍हें बता देना चाहता हूं कि भारत कमजोर राष्‍ट्र नहीं है। वो अपनी सीमाओं सहित हितों की रक्षा करना जानता है। इसलिए हमने नीतियों में बदलाव किया है। अब हम आतंक का निर्यात करने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम उन्हें करारा जवाब देंगे और उसी भाषा में देंगे जिसे वे समझते हैं।

मिलकर करेंगे आतंकवाद का सामना
लंदन की यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी ने अपने समकक्ष टेरेसा मे से मुलाकात की। उनकी में के साथ बातचीत में वैश्विक स्‍तर पर बढ़ते आतंक पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने यह संकल्‍प लिया कि वैश्विक आतंक का दोनों देश मिलकर सामना करेंगे। साथ ही उसका सफाया करेंगे। आतंक को अपनी देश का विदेश नीति मानने देशों को उसका करारा जवाब भी देंगे। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में एक लाख अरब पाउंड के मुक्त व्यापार करार पर सहमति बनी। इसके अलावा कई अन्य संधियों को अंतिम रूप देने पर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता शुरू हुई है। इनमें अवैध अप्रवासियों को वापस भेजने, स्वास्थ्य और रक्षा तकनीक के हस्तांतरण के करार शामिल हैं। इस मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि ब्रेग्जिट के बाद भारत के लिए इंग्लैंड के महत्व में कोई कमी नहीं आएगी। बुधवार को पीएम मोदी पीसम टेरेसा मे के अलावा राजकुमार चार्ल्स, इंग्लैंड की महारानी समेत अन्य गणमान्य लोगों से मुलाकात की।