
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को लंदन पहुंच गए थे। रात में उन्होंने 'भारत की बात, सबके साथ' में विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बातें की। आज वह कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्मेंट (चोगम) की बैठक में शामिल होंगे। इसके बाद कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। साथ ही चोगम की बैठक में ज्वलंत मुद्दों पर अपने मन की बात करेंगे। इसके जरिए वो विभिन्न मुद्दों को कॉमनवेल्थ राष्ट्रों की मजबूती को लेकर भारत का पक्ष रखने का प्रयास करेंगे। आपको बता दें कि कॉमनवेल्थ दुनिया के 53 उन देशों का संगठन है जो देश कभी ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन रहे। इन्हीं मुल्कों की 11वीं शिखर बैठक में इस बार का विषय साझा विकास है। इसी मुद्दे पर पीएम अपनी बात रखेंगे। 2010 के बाद पहली बार भारतीय पीएम चोगम की बैठक में शामिल हो रहे हैं। यह शिखर सम्मेलन पहली बार विंडसर कैसल में हो रहा है।
वेस्टमिंस्टर हॉल में पीएम ने की दिल खोलकर बात
इससे पहले बुधवार की रात को पीएम मोदी ने लंदन के ऐतिहासिक वेस्टमिंस्टर के सेंट्रल हॉल में लोगों को संबोधित किया। वेयह सेंट्रल हॉल वही ऐतिहासिक हॉल है जहां संयुक्त राष्ट्र की पहली बैठक 1946 में हुई थी। इसके अलावा महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग भी ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल से संबोधित कर चुके हैं। अब पीएम मोदी ने उसी सेंट्रल हॉल से सभी के साथ भारत की बात दिल खोल कर की। यहां पर उन्होंने नोटबंदी, सर्जिकल स्ट्राइक, कठुआ गैंगरेप, आतंकवाद, देश में विपक्ष की आलोचनाओं के सवालों का जवाब खुलकर दिया। दर्शक दीर्घा में बैठे एक शख्स के सर्जिकल हमलों पर सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय सेना पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने सटीकता के साथ सर्जिकल हमलों को अंजाम दिया और सुबह होने से पहले ही अपना काम पूरा कर लौट आई। मोदी ने बताया कि कैसे भारत ने हमलों के बारे में पहले पाकिस्तान को सूचित किया और फिर मीडिया एवं लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे विश्व युद्ध के दौरान हमारा कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन हमारे सैनिकों ने युद्ध में हिस्सा लिया। ये बड़े त्याग थे। अब संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा बलों में हमारी भूमिका अहम है।
मुझे हर रोज मिलती है एक-दो किलो गालियां
लोगों की तरफ ये सवाल पूछने पर कि आप इतना सक्रिय रहते हैं इसके बावजूद थकते नहीं हैं। इसके पीछे आपकी ऊर्जा का राज क्या है? इसके जवाब में पीएम ने कहा कि पिछले दो दशक से मुझे हर रोज एक-दो किलो गालियां मिल रही हैं। एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक स्थान था, जहां पर्वत था और वहां तराई पर संत बैठते थे। एक आठ साल की बच्ची अपने तीन साल के भाई को लेकर वहां चढ़ रही थी। संत ने पूछा कि तुम्हे थकान नहीं लग रही है तो उसने कहा कि यह तो मेरा भाई है। इसपर संत ने कहा कि मैं तुम्हारा रिश्ता नहीं पूछ रहा हूं, तो इसके जवाब में लड़की ने कहा कि यह तो मेरा भाई है। इसपर तीसरी बार संत ने पूछा तो लड़की ने कहा कि यह तो मेरा भाई है और भाई की थकान नहीं लगती है। ठीक उसी तरह सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे भाई हैं।
Published on:
19 Apr 2018 10:02 am
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