
नई दिल्ली। यह बात हम सबको पता है कि भगवान श्री राम ने रावण का वध किया था। भगवान राम ने रावण की नाभी में तीर मारकर उसका वध किया लेकिन इतने सालों बाद कुछ न कुछ अलग दावें किए जाते रहे हैं। जैसे कुछ दिन पहले ही श्रीलंका पुरातत्व विभाग ने दावा किया कि रावण की लाश आज भी श्रीलंका के रेगला जंगल में है। उन्होंने दावा किया कि रावण वध के बाद, रावण के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी विभीषण को दी गई थी। लेकिन विभिषण को सिंहासन सँभालने की बहुत जल्दी थी। इसलिए वह रावण का शव वहीं छोड़कर चले गए थे। जिसके बाद रावण के शव को नागकुल के लोग ले गए थे।
नागकुल के लोगों को लगा था कि रावण अभी पूरी तरह से नहीं मरा है उसको फिर से जिन्दा किया जा सकता है। लेकिन उनके हर प्रयास असफल रहे और हारकर उन्होंने कई प्रकार के रसायनों का प्रयोग कर रावण के शव को ममी के रूप में रख दिया। कहा जाता है रेगला के घने जंगल में एक विशाल पर्वत है जिसमें एक खतरनाक गुफा है। इसे रावण के गुफा के नाम से जाना जाता है, क्योंकि रावण ने उसी गुफा में कई साल तक तपस्या की थी। रेगला के उस गुफा में कोई नही जाता क्योंकि रावण के शव की रक्षा कई खूंखार जानवर और नागकुल के नाग करते है। रावण की ताबूत 18 फ़ीट लंबी और 5 फ़ीट चौड़ी है इतने सालों के बाद भी रावण की ताबूत आज भी रेगला के घने जंगल में सुरक्षित है।
ऐसा कहते हैं कि भगवान राम ने रावण से युद्घ करने के पहले देवी कात्यायनी की आराधना की थी। देवी से रावण को दी गई सुरक्षा हटाने की प्रार्थना की थी। भगवान विष्णु को दिये गये वचन के अनुसार देवी लंका त्याग कर अपने लोक में चली गयी और भगवान राम रावण का वध करने में सफल हुए। मान्यता यह भी है कि भगवान राम ने जिस वाण से रावण का वध किया था वह वाण राम को देवी कात्यायनी द्वारा प्रदान किया गया था।
Published on:
25 Nov 2017 02:18 pm
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