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इटली: शोधकर्ताओं को 1500 साल पुराना नर कंकाल मिला, 10 साल के बच्चे की थी कब्रगाह

इस कंकाल के मुंह में एक पत्थर निकला है, शोधकर्ता इस बच्चे की और जानकारियां जुटा रहे हैं

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शोधकर्ताओं को 1500 साल पुरान नर कंकाल मिला, 10 साल के बच्चे की थी कब्रगाह

रोम।इटली में एक विशाल मकबरा पाया गया है। यह पहले विशाल रोमन विला के अंदर हुआ करता था। इस मकबरे से 10 साल के बच्चे का कंकाल मिला है, जोर करीब 1500 साल पुराना है। इस कंकाल के मुंह में एक पत्थर निकला है।शोधकर्ता इस बच्चे की और जानकारियां जुटा रहे हैं , मगर इसकी मौत के कारणों का पता चल चुका है। शोधकर्ताओं का कहना है कि उसकी मौत पांचवीं शताब्दी के दौरान मलेरिया के भयानक प्रकोप से हुई थी। यह समुदाय उस समय तक रोम के 60 मील उत्तर में एक पहाड़ी पर छोटे मध्ययुगीन शहर में निवास करता था।

जानबूझकर बच्चे के मुंह में डाला गया पत्थर

बच्चे के मुंह में मिले पत्थर पर दांतों के निशान मिले हैं। इस पर पुरातत्विदों का कहना है कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मृत्यू के बाद उसके मुंह में जानबूझकर पत्थर डाला गया था। दरअसल यह एक विचित्र और प्राचीन अभ्यास है,जिसकी मान्यता है कि ऐसा करने से बच्चा वापस नहीं आ सकता और बीमारी भी फैलने से रुक जाती है। पुरातत्वविदों ने इस प्रकार की कब्रों को'पिशाचों की कब्र'बताया है। इटेलियन शहर लुग्नानो के स्थानीय लोग इसे 'लूग्नानो का पिशाच' भी कहते हैं।

ऐसा करने से मृतक कब्र से बाहर नहीं आ पाता

शोधकर्ता के अनुसार वह जानते हैं कि इस प्रकार का असामान्य उपचार आमतौर पर मरे हुए लोगों के डर को इंगित करता है। विशेष रूप से,लोगों को एक डर रहता है कि मृतक कब्र से वापस आ सकते हैं और बीमारियां फैला सकते हैं। बच्चे के मुंह में पत्थर रखना उनको अक्षम करने का शाब्दिक या प्रतीकात्मक तरीका है। पांचवी सदी के दौरान कई रोमन बंगले इन महामारियों के चलते कब्रगाहों में तब्दील हो गए थे।