
वाशिंगटन। कोरोना वायरस महामारी ने इस समय भले ही अमरीका की कमर तोड़ दी हो, मगर इसके बावजूद यूएस स्पेस फोर्स ने गुरुवार को अपना पहला राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन लॉन्च किया। इसके तहत उसने अपना नेशनल सिक्योरटी कम्युनिकेशन सैटेलाइट को ऑर्बिट में भेजा। इस लांच के जरिए संदेश दिया गया कि भले ही कितनी भी बड़ी मुसीबत देश पर हो, हम अपने लक्षय से पीछे नहीं हटेंगे।
बाकी पांच अन्य सैटेलाइट के साथ मिल जाएगा
लगभग 1 बिलियन डॉलर का उपग्रह अमरीकी सैन्य उन्नत उच्च आवृत्ति श्रृंखला में छठा और अंतिम है। पुराने उपग्रहों से उन्नत, तारामंडल ने 22,000 मील (35,400 किलोमीटर) तक सुरक्षित संचार प्रदान किया है। एक शक्तिशाली एटलस वी रॉकेट ने 13,600 पाउंड (6,168 किलोग्राम) का उपग्रह लांच किया। नई स्पेस फोर्स सील यूनाइटेड लॉन्च अलायंस रॉकेट से जुड़ जाएगा। ऑर्बिट में भेजा जाने वाला यह सैटेलाइट अपनी जगह पर पहुंचने के बाद बाकी पांच अन्य सैटेलाइट के साथ मिल जाएगा, जिन्हें 2010 से 2019 के बीच लॉन्च किया गया था।
स्पेस फोर्स आधिकारिक रूप से दिसंबर में अमरीकी सेना की एक नई शाखा बन गई। कोरोनोवायरस के प्रकोप को देखते हुए क्षेत्र को बंद कर दिया गया। केप कैनवेरल एयर स्टेशन से भीड़ को कम कर दिया गया। यूनाइटेड लॉन्च अलायंस के मुख्य कार्यकारी टोरी ब्रूनो ने कहा कि गैर-आवश्यक कर्मियों को भीड़ के आकार को कम किया गया। लोगों को कोरोना से बचाने के लिए हर चीज को सैनेटाइज किया गया।
सैटेलाइट जमीन, समुद्री और हवाई प्लेटफार्मों पर काम करने वाले स्ट्रैटजिक कमांड और टैक्टिकल वॉरफाइटर के लिए ग्लोबल, सर्वाइवल और संरक्षित संचार क्षमता प्रदान करता है। यह सिस्टम एन्क्रिप्शन और जैमर-रेसिस्टेंस से लैस है। इसके अलावा यह परमाणु हथियारों से निकले इलेक्ट्रो मैग्नेटिक इंटरफेरेंस को भी भेदने में सक्षम है।
Updated on:
28 Mar 2020 01:39 pm
Published on:
28 Mar 2020 01:37 pm
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