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घायल गिलहरी की बचाई थी जान, मदद की आस में 7 साल बाद फिर पहुंची उसी जगह

उसने गिलहरी को तब तक अपने पास रखा जब तक वो पूरी तरह से ठीक नहीं हो गई।

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Ravi Gupta

Dec 14, 2017

squirrel

नई दिल्ली। दुनिया का सबसे प्यारा तोहफा प्यार ही है। इंसानो के साथ-साथ जानवर भी प्यार की भाषा समझते हैं। इसके साथ ही इंसानों से जानवर ही प्यार को ज्यादा सहेज कर रखते हैं। प्यार के असली कद्रदान ज्य़ादातर जानवर ही होते हैं और इसके कई उदाहरण हमें देखने को मिलते हैं। अब आप बेला को ही ले लीजिए जो आज भी ब्रैंटली से मिलने आती हैं। दरअसल हुआ यूं कि साल 2009 में एक उल्लू द्वारा आक्रमण किये जाने पर एक गिलहरी बुरी तरह घायल हो गई थी। यहां तक कि उसके घाव इतने गहरे थे कि वो लगभग मरने की कगार पर थी।

लेकिन अमेरिकी महिला ब्रैंटली हैरीसन की नज़र उस पर पड़ी तो उनसे रहा नहीं गया और वो उस गिलहरी की देखभाल करने लगी। उसने गिलहरी का इलाज भी किया। इस दौरान ब्रैंटली के घर पर तीन और गिलहरियां मौजूद थी। जिनका नाम लैरी, करली और मो रखा था। ब्रैंटली ने इस गिलहरी का नाम बेला रखा। उसने गिलहरी को तब तक अपने पास रखा जब तक वो पूरी तरह से ठीक नहीं हो गई। बेला के पूरी तरह से ठीक हो जाने के बाद तो ब्रैंटली ने लैरी, करली और मो के साथ उसे जंगल में आजाद कर दिया। बेला उस घर पर 2010 तक रही थी।

इस घटना के करीब सात साल बाद ब्रैंटली के घर के दरवाजे पर एक दिन अचानक एक हल्की दस्तक हुई। किसी के आने के इंतजार में बेला बहुत देर तक वहां बैठी रही। यहां तक कि कोई आ जाए इस आस में उसने डाइनिंगरू म की खिड़की पर भी चढ़कर झांका। इस तरह वो रोज सुबह आने लगी और ब्रैंटली का इंतज़ार करने लगी। जब ब्रैंटली को इस बात का पता चला तो वह बहुत ही खुश हुई और आश्चर्य भी हुई।

उसने जब बेला को ध्यान से देखा तो उसने पाया कि इस बार बेला के पैर में चोट लगी थी और इसके साथ ही वो प्रेग्नेंट भी थी। बेला को फिर से देखभाल की जरूरत थी और ब्रैंटली के घर से अच्छा और कोई जगह थी ही नहीं। ब्रैंटली काफी एक्साइटेड थी क्योंकि इस बार वो बेला के बच्चों की देखभाल करने वाली थी। मजे की बात तो ये है कि बेला का अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी है और करीब 4 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स भी हैं