
नई दिल्ली। गाना या फिर संगीत एक ऐसा माध्यम है जिसके कारण इंसान अपने सभी भावनाओं को बड़ी ही आसानी से व्यक्त कर सकता है। चाहे सुख हो या फिर दुख इंसान माहौल के अनुरूप गानें को सुनकर अपनी संवेदनाओं को काबू करने की कोशिश करता है। संगीत की तरंगों मे इतनी ताकत होती है कि इससे कई बीमारियां ठीक हाक जाती है और इसीलिए मनोचिकित्सा के क्षेत्र में म्यूजिक थेरेपी का अपना अलग ही महत्व है।
इंसान किसी सैड सॉन्ग को सुनकर दुखी तो हो सकता है लेकिन क्या इससे कोई आत्महत्या कर सकता है? सुनकर ही ये हमें काफी अजीब लग रहा है, आखिर किसी गाने को सुनकर कोई आत्महत्या कैसे कर सकता है? लेकिन आपको बता दें कि दुनिया में एक ऐसा गाना है जिसे सुनकर लोग आत्महत्या कर लेते थे और इस खास वजह से ही इस गाने को लगभग 63 सालों तक बैन कर दिया गया।
दरअसल ये गाना साल 1933 में हंगरी के एक संगीतकार जिनका नाम रेज़सो सेरेज़ था उन्होनें बनाया था और इस गाने का नाम था Gloomy Sunday। ये गाना रिलीज़ होने के बाद ही काफी फेमस हो गया। ये गाना काफी दर्द भरा था जिसे सुनने के बाद लोगों के खुदखूशी करने के मामले सामने आने लगे। सबसे पहले बर्लिन में इस गाने को सुनने के बाद बर्लिन में एक लड़के ने गोली चलाकर अपनी जान ले ली। फिर इसके बाद दूसरा मामला तब सामने आया जब न्यूयॉर्क में एक बुज़ुर्ग महिला इस गाने को सुनने के बाद 7वीं मंजि़ल से कूदकर अपनी जान दे दी। इस तरह आत्महत्या के और भी कई मामले सामने आए। इन घटनाओं के बाद ब्रिटेन और हंगरी सहित और भी कई जगहों पर इस गाने को सुनने ओर सार्वजनिक स्थानों पर इसे बजाने पर बैन लगा दिया गया।
दरअसल इस गाने को बनाने वाले रेज़सो हमेशा से ही एक संगीतकार बनना चाहते थे लेकिन उनकी प्रेमिका चाहती थी कि वो कोई भी छोटा-मोटा काम करके पैसे कमाएं। लेकिन वो अपनी बात पर अड़े रहे। इन सबके चलते रेज़सो की गर्लफें्रड साल 1932 में उन्हें छोड़कर हमेशा के लिए चली गई और इसके बाद अपने इसी दर्द को उन्होंने इस गाने में पिरो दिया। इस गाने को सुइसाइड सॉन्ग के नाम से भी जाना जाता है।
Published on:
18 Jan 2018 11:16 am
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