
नई दिल्ली। थाईलैंड में मगरमच्छों को बड़े पैमाने पर काटा जा रहा है। मगरमच्छों के स्लॉटर हाउस में कीमती स्किन, मीट और ब्लड के लिए इन मगरमच्छों को जिंदा काटा जाता है। बता दें कि थाईलैंड मगरमच्छों के कई सबसे बड़े फर्म्स का ठिकाना है। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में टूरिस्ट भी आते हैं।
पिछले 35 सालों से चल रहा है फर्म
थाई फिशरी डिपार्टमेंट कि माने तो यहां पर 1000 से ज्यादा फर्म है, जिममें करीब 12 लाख मगरमच्छों को रखा जाता है। बता दें कि श्री आयुथ्या क्रोकोडाइल फर्म थाईलैंड के सबसे बड़े फर्म में से एक है। यह फर्म पिछले 35 सालों से चल रहा है।
मगरमच्छों को काटना लीगल
ओनर ने बताया कि वे लोग लीगल तौर पर इन मगरमच्छों को काटते हैं। उन्हें मगरमच्छ के जरिए तैयार होने वाले प्रोडक्ट को बनाने और एक्सपोर्ट करने की परमिशन मिली है।
दवाओं में होता है ब्लड का इस्तेमाल
मगरमच्छों के शरीर के कुछ हिस्सों का दवा में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसका पित्त और खून दवाओं में उपयोग में लाया जाता है। इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। बता दें कि प्रति किलो खून की कीमत 1000 रुपए है और पित्त की कीमत प्रति किलो 76 हजार रुपए है।
570 रुपए किलो बिकता है मीट
विचियान ने आगे बताया कि उनकी फर्म मगरमच्छ से तैयार होने वाले सभी प्रकार के प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करती है। वहीं, मगरमच्छ के मीट की भी काफी मांग है। इसका मीट प्रति किलो 570 रुपए में बिकता है।
स्किन से बनते है महंगे बैग्स
मगरमच्छ की स्किन से हैंडबैग और लेदर सूट्स जैस प्रोडक्ट भी बनाए जाते हैं। इन बैग्स की कीमत डेढ़ लाख रुपए (2356 डॉलर) तक होती है। वहीं, लेदर सूट्स की कीमत करीब 4 लाख रुपए (5885 डॉलर) है।
Published on:
18 Apr 2018 12:06 pm
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