
नई दिल्ली। 300 साल पूर्व भारत की शान रहे नीले हीरे की नीलामी होगी। नीले हीरे की नीलामी पहली बार हो रही है। नीले रंग की इस हीरे को स्विट्जरलैंड में अगले महीने नीलामी के लिए रखा जाएगा। अनुमान है कि इसे 3.6 मिलियन से 5.2 मिलियन की कीमत पर बेचा जाएगा। बता दें कि 300 सालों से यह नीला हीरा ब्रिटेन के शाही परिवार की शान रहा है। सबसे खास बात यह है कि 300 साल से इस नीले हीरे के बारे में ब्रिटिश शाही परिवारों के अलावा और कोई नहीं जानता था। 300 वर्ष पूर्व अंग्रेज इस दुर्लभ नीले हीरे को भारत से ले गए थे।
आंध्रप्रदेश के गोलकुंडा की खान से मिला था नीला हीरा
गौरतलब है कि 6.16 कैरेट वाले इस नीले हीरे को आंध्रप्रदेश के गोलकुंडा की खादान से निकाला गया था। स्विट्जरलैंड स्थित नीलामी हाउस के अनुसार, इस नीले हीरे को पहली बार स्पेनिश क्वीन एलिजाबेथ फर्नेस के समक्ष पेश किया गया था, उसके बाद यह चार शाही यूरोपीय परिवार स्पेन, फ्रांस, इटली, ऑस्ट्रिया के शान को बढ़ाता रहा है।
आपको बता दें कि नीलामी हाउस सोथबी का कहना है कि विश्वप्रसिद्ध यह कीमती हीरा भारत के आंध्रप्रदेश में गोलकुंडा खदान से पाया गया था। सबसे खास बात यह है कि ब्राजील में डायमंड की खोज 1720 में होने से पहले तक आंध्रप्रदेश का गोलकुंडा एकमात्र हीरे का स्रोत था।
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बेस्ट रॉयल गिफ्ट है नीला हीरा
आपको बता दें कि नीलामी हाउस के मुताबिक, नीले रंग को अक्सर रॉयल कलर कहा जाता है। 17 वीं और 18 वीं शताब्दी में, नीले हीरे को बेस्ट रॉयल गिफ्ट के रूप में देखा जाता था। सोथबी यूरोप के अध्यक्ष डॉ फिलिप हर्ज़ोग वॉन वर्टम्बर्ग कहते हैं कि दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक हीरे में फर्निस ब्लू का स्थान आता है।
Published on:
03 Apr 2018 03:50 pm
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