चुनावी रैली में Donald Trump ने खुद की पीठ थपथपाई, कहा- नेशनल गार्ड को तैनात कर मैंने अमरीका को बचाया

Highlights

  • डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार रात को तुलसा, ओकलहोमा में एक रैली का आयोजन किया।
  • 19 हजार लोगों की क्षमता वाले एक स्टेडियम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष करारा हमला बोला।

वाशिंगटन। कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट के बीच अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चुनाव प्रचार के लिये रैलियों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ट्रंप ने शनिवार रात को तुलसा, ओकलहोमा में एक रैली का आयोजन किया। इस स्टेडियम में लोगों पर सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने जैसी कोई पाबंदी नहीं थी। स्टेडियम लोगों से खचाखच भरा दिखाई दिया। 19 हजार लोगों की क्षमता वाले स्टेडियम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्ष पर करारा हमला बोला। इसके साथ अमरीका में प्रदर्शनकारियों के हिंसक रवैये पर भी टिप्पणी की।

झंडे को जलाने वाले को एक साल की सजा

ट्रंप ने कहा कि बीते दिनों प्रदर्शनकारियों ने जॉर्ज वॉशिंगटन की मूर्ति को क्षति पहुंचाने के साथ अमरीकी झंडे को जलाने की कोशिश की। जिसे लेकर मैंने अब नए कानून के तहत कड़ी सजा देने की बात उठाई हैं। उन्होंने कहा कि अब ऐसा करने वालों को एक साल जेल की सजा देने का प्रावधान बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में अश्वेत जार्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमरीका में हिंसक प्रदर्शन सामने आए। मगर सरकार ने इस मामले में समझदारी दिखाते हुए अमरीका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। ट्रंप ने कहा कि हिंसा को रोकने के लिए मैंने तुरंत नेशनल गार्ड तैनात कर अमरीका को बचाने की कोशिश की।

डेमोक्रेट नेता जो बाइडन पर हमला बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी हैसियत एक कठपुतली की तरह रही है। ओबामा प्रशासन में उनकी कार्यशैली को सभी ने देखा है। बाइडेन हिंसक प्रदर्शकारियों के हिमायती रहे हैं। ट्रंप ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे तीन नवंबर को बिना कोई गलती किए उन्हें दोबारा वोट दें। वे अमरीका को एक नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

बेहतरीन होगी आर्थिक व्यवस्था

ट्रंप ने रैली को संबोधित कर कहा कि सरकार बीते चार सालों से अमरीकियों के हित के लिए काम कर रही है। कोरोना महामारी कारण कई अमरीकियों की नौकरी गई है। ये नौकरियां दोबारा आएंगी। इसके लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। हमारी सरकार हमेशा अमरीकियों को पहली प्राथमिकता देती रही है। ट्रंप ने दावा किया कि अलगे साल तक देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर स्थिति में लेकर जाएंगे।

कोरोना वायरस को लेकर उन्होंने चीन को इसका जिम्मेदार ठहराया। इस महामारी ने लाखों लोगों की जिंदगी छीन ली है। ट्रंप ने कहा कि अमरीका इससे निपटने के लिए भरसक प्रयास किया है। अब तक इस संक्रमण पर धीरे-धीरे नियंत्रण का प्रयास किए हैं। गौरतलब है कि अमरीका में कोरोना के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। आलम यह है कि यह आंकड़ा 20 लाख को भी पार कर गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अमरीका में कोरोना के कुल 2.28 मिलियन यानी 20 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किये गए हैं। वहीं मौत का आंकड़ा बढ़कर 1 लाख 21 हजार हो गया है।

ओबामा प्रशासन की आलोचना करते हुए उसकी कुछ उपलब्धियों पर भी अपना दावा ठोका है। सबसे हैरानी की बात यह है कि डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व सैनिकों के आत्महत्या मामलों में कमी आने और पूर्व सैनिकों को तत्काल मानसिक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध का श्रेय भी खुद को दे दिया। जबकि, ये उपलब्धियां उन्हें विरासत में मिली है।

Mohit Saxena
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