
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान और इमरान खान।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) और तुर्की (Turkey) के बीच दोस्ती पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इनकी दोस्ती पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकती है। तुर्की भारत के खिलाफ बयानबाजी से बाज नहीं आ रहा है। हाल के दिनों में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोग़ान (Recep Tayyip Erdogan) ने इमरान खान (Imran Khan) का कई मोर्चे पर पक्ष लिया है।
इसी कड़ी में अब तुर्की का कहना है कि वो जल्द ही पाकिस्तान को 4 छोटे जंगी जहाज देगा। साथ ही तुर्की के रक्षा मंत्री ने कहा है कि वो पाकिस्तान की आर्मी को अपनी सेना से अलग नहीं मानते हैं।
क्या है पूरा समझौता
समझौते के तहत तुर्की की तरफ से पाकिस्तान को 4 जंगी जहाज दिए जाएंगे, इसमें से दो इस्तांबुल के शिपयार्ड में बनाया जाएगा। वहीं दो जहाज कराची पोर्ट पर बनाया जाएगा। पाकिस्तान की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जहाज की पहली खेप पाकिस्तान को साल 2023 में मिल जाएगी। तुर्की के रक्षामंत्री अकगुन के अनुसार ये सिर्फ जहाजों का सौदा नहीं है,बल्कि इस तरह वह दुनिया में शांति कायम करने की कोशिश करेंगे। राष्ट्रपति तैयब एर्दोगान ने इस डील के संकेत दिए थे। इस दौरान उन्होंने कहा था कि तुर्की द्वारा मुहैया कराए जा रहे इस जंगी जहाज से पाकिस्तान को लाभ होगा।
गौरतलब है कि बीते साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने अपने भाषण के दौरान कश्मीर का मुद्दा उठाया था। तुर्की ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने पर भारत की आलोचना की थी। इसके साथ ही पाकिस्तान का समर्थन किया था और कहा था कि कश्मीर के हालात से तनाव और बढ़ सकता है। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने महासभा में कश्मीर का मुद्दा उठाने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया था।
Updated on:
02 Mar 2020 10:59 am
Published on:
02 Mar 2020 10:57 am
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